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सिर्फ भारत मे ही हिंदू और हिंदुत्व का विरोध.. ? इस्लामिक मुल्क इंडोनेशिया खोलने जा रहा है हिंदू यूनिवर्सिटी जिसका नाम होगा “सुग्रीव”


निश्चित तौर पर अगर ये निर्णय किसी सेक्युलर देश मे हुआ होता तो अब तक कथित धर्मनिरपेक्ष ताकतें इसको बना चुकी होती विवाद का विषय. पुरानी राजनैतिक परिपाटी के अनुसार सिर्फ हिन्दू और हिंदुत्व का विरोध करना ही धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को जीवित रखने जैसा था लेकिन समय मे हुए बदलाव के साथ कई राजनेताओं ने इसको बदला है .. भारत की बात की जाय तो यहां के वामपंथी व उनके सहयोगी वर्ग ने हिन्दू और हिंदुत्व को सबसे ज्यादा निशाने पर लिया था . लेकिन इस्लामिक मुल्क इंडोनेशिया में जो निर्णय लिया गया है उसने संसार को दिया है एक बड़ा और नया संदेश.

विदित हो कि धर्मनिरपेक्ष और हिन्दू बहुल कहे जाने वाले भारत की अदालतों में लंबे समय तक ये साबित करने के प्रयास होते रहे कि अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि है..इसी की आड़ में कईयों ने न सिर्फ प्रभु श्रीराम के अस्तित्व लर सवाल उठा डाले बल्कि रामायण तक को काल्पनिक बता डाला . यहां ऐसा कर के करोड़ो हिंदुओं की भावनाओ पर आघात करने के साथ ये साबित किया जाता रहा कि ऐसा कर के वो भ्रातबक संवैधानिक मूल्यों की रक्षा कर रहे हैं. अब इस्लामिक मुल्क इंडोनेशिया में दिया है उन तमाम को जवाब जिन्होंने न सिर्फ प्रभु श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए थे बल्कि पूरी रामायण को ही हाशिये पर ले डाला था.

ध्यान देने योग्य है कि इंडोनेशिया में रामचरित मानस के एक पात्र सुग्रीव के नाम पर पहली हिंदू विश्‍वविद्यालय खोली गई है। इंडोनेशिया ने बाली में एक इंस्टीट्यूट को देश की पहली हिंदू विश्‍वविद्यालय में बदल दिया है। प्रेजिडेंशियल रेगुलेशन के तहत बाली के देनपासर के हिंदू धर्म स्टेट इंस्टीट्यूट को देश की पहली हिंदू स्टेट यूनिवर्सिटी बना दिया गया है। इसके अनुसार इस विश्‍वविद्यालय का नाम आई गुस्ती बागस सुग्रीव स्टेट हिंदू यूनिवर्सिटी रखा गया है।इस विश्‍वविद्यालय का नाम आई गुस्ती बागस सुग्रीव स्टेट हिंदू यूनिवर्सिटी रखा गया है। पहले इस विश्‍वविद्यालय  का नाम हिंदू धर्म स्टेट इंस्टीट्यूट था। अब इसे राष्ट्रपति जोको विदोदो ने एक प्रेजिडेंशियल रेगुलेशन के तहत पहली हिंदू विश्‍वविद्यालय बना दिया है। इस रेगुलेशन के बाद इसका नाम आई गुस्ती बागस सुग्रीव स्टेट हिंदू विश्‍वविद्यालय रखा गया है।


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