एकतरफ देश मांग रहा हैदराबाद की पीडिता के हैवानों को फांसी तो वहीं कुछ लोग पोर्न साईट पर सर्च कर रहे उनका नाम.. पार कर दीं घिनौनेपन की सारी हदें


देश इस समय हैदराबाद में डॉ. प्रिया रेड्डी के साथ बर्बरता, हैवानियत तथा क्रूरता से उनकी ह्त्या करने वाले दरिंदों को फांसी देने की मांग के लिए सड़कों पर है. पूर्व से पश्चिम तथा उत्तर से दक्षिण तक समूचा देश एक सुर में बलात्कारियों के को जनता के बीच फांसी की मांग का रहा है लेकिन इस बीच कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने घिनौनेपन तथा नीचता की सारी हदें पार कर दी हैं. इन लोगों ने ऐसा काम किया है, जिसे सुनकर सर शर्म से झुक जाएगा. दरअसल हैदराबाद की पीड़िता का नाम पोर्न साइट पर टॉप पर ट्रेंड हो रहा है.

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, दुनिया की टॉप 100 पोर्न वेबसाइट्स में शामिल एक साइट के टॉप ट्रेंड वाले सेक्शन में हैदराबाद की पीड़िता का नाम सबसे ऊपर है. अभी तक करीब 8 मिलियन से ज्यादा बार उसके नाम को इस वेबसाइट में सर्च किया जा चुका है. यह नाम उस वेबसाइट पर इसलिए ट्रेंड कर रहा है क्योंकि जैसे गूगल पर कुछ सर्च करने से वह टॉप सर्च की लिस्ट में आ जाता है, ऐसे ही पोर्न वेबसाइट पर भी टॉप ट्रेंड पर आने का कारण यही है. माफ़ करना हम यहां उस वेबसाइट का नाम नहीं बता सकते, जिस पर हैदराबाद की पीड़िता का नाम ट्रेंड कर रहा है.

इससे अधिक शर्मनाक कुछ हो नहीं सकता कि देश जिस लड़की के रेप और मर्डर से हिल गया है तो वहीं दूसरी तरफ उसी लड़की को लोग पोर्न साईट पर सर्च कर रहे हैं. इससे अधिक बीमार और घिनौनी मानसकिता और क्या होगी? मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि अभी तक करीब 8 मिलियन से ज्यादा बार पीड़िता के नाम को उस वेबसाइट में सर्च किया जा चुका है. वेबसाइट्स के टॉप ट्रेंड वाले सेक्शन में लड़की का नाम सबसे ऊपर है. ये सब सोशल मीडिया  पर भी काफी ज्यादा वायरल हो गया है कि किस तरह पोर्न साईट पर हैदराबाद की पीड़िता को सर्च किया जा रहा है.

ये खबर इतनी घिनौनी है कि इसे खबर ही नहीं कहा जा सकता लेकिन हमें इसके बाद भी इस खबर को पब्लिश करना पड़ा है. ऐसा इसलिए क्योंकि जो ये घिनौनी मानसकिता है, हमें इसके बारे में जानना जरूरी है ताकि इस सोच का ही खात्मा किया जा सके. जरा सोचिये कि जिस लड़की को इतने बीभत्स तरीके से गैंगरेप करने के बाद जलाया गया, उस लड़की को साईट पर क्यों सर्च किया जा रहा है? आखिर इसके पीछे का उद्देश्य क्या रहा होगा? और एक बार नहीं बल्कि 8 मिलियन बार ये नाम सर्च किया गया. इसका उत्तर आपको भी पता है, हमें भी पता है. लेकिन सिर्फ पता होने या बताने मात्र से से ही हमारे कर्तव्य का दायित्व पूरा नहीं हो जाता.

आज जितनी जरूरत बलात्कारियों को सरेआम फांसी पर टांगने की है, उतनी ही जरूरत इस मानसिकता को भी समाप्त करने की है. जरा सोचिये कि जो लोग रेप पीड़िता के नाम को पोर्न साईट पर सर्च कर सकते हैं, क्या वो रेप नहीं करेंगे? हमें ये मांग तो सरकार से करनी ही होगी कि बलात्कारियों पर ज़रा भी रहम न दिखाते हुए उन्हें फांसी पर लटकाया जाए, लेकिन साथ ही अश्लील सामग्री परोसने पर भी रोक लगानी होगी. अगर हम सभ्य समाज चाहते हैं, अपनी बहन-बेटियों की आबरू को इन हैवानों से बचाना चाहते हैं तो बलात्कारियों के साथ बलात्कार करने वाली सोच तथा अश्लीलता परोसने वाली सामग्री उपलब्ध कराने वाले संसाधनों पर भी रोक लगानी होगी.


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