भारतीय नागरिकता मिली तो मुस्कुरा उठे पाकिस्तान से आये हिंदुओं के चेहरे.. बोले- भारतमाता की जय


आखिरकार वो दिन आ ही गया जिसकी उम्मीद इन 21 पाकिस्तानी हिन्दुओं को वर्षों से थी. पाकिस्तान में अंतहीन प्रताड़ना झेलने के बाद ये हिन्दू अपना घर-मकान दुकान आदि छोडकर हिंदुस्तान आये थे तथा राजस्थान के जयपुर में रह रहे थे. हर व्यक्ति जानता है कि पाकिस्तान में गैर मुस्लिम खासकर हिन्दुओं को काफी जिल्लत का सामना करना पड़ता है तथा गुलामी की जिन्दगी जीनी पडती है. इसी से तंग आकर ये वर्षों पहले हिंदुस्तान आये थे, जिन्हें अब भारत की नागरिकता मिली है.

जानकारी के मुताबिक़, जयपुर जिला प्रशासन ने इनकी पेशानी पर शरणार्थी का तमगा हटाकर इन्हें भारतीय होने का गौरव प्रदान किया.भारतीय बनने वाले इन 21 लोगों की आंखे खुशी के अश्कों से भर आईं.पाकिस्तान से विस्थापित 21 लोगों ने जयपुर में भारतीय नागरिकता मिलने की खुशी भारत माता की जय और वंदेमातरम के उद्घोष के साथ मनाई. जिला कलेक्टर जगरूप सिंह यादव ने इन पाक विस्थापित लोगों को भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र प्रदान किए.इनमें से कुछ इस दिन का 20 साल से इंतजार कर रहे थे.

11 साल की प्रियांशी माहेश्वरी को जब भारतीय नागरिकता का प्रमाण पत्र मिला तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उसका कहना था की आगे चलकर बहुत अड़चनों का सामना करना पडता .अभी भी स्कूल एडमिशन में काफी परेशानी हुई. माता-पिता को पहले ही  भारतीय नागरिकता मिल चुकी है. कलक्टर जगरूप सिंह यादव के कार्यकाल में दो बार में 35 पाक विस्थापितों को भारतीय नागरिकता दी जा चुकी है. भारत की नागरिकता पाने वाले नागरिकों ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर जुल्म ढाया जाता है.

उन्होंने कहा कि आखिरकार हमें अत्याचार से मुक्ति मिल गई और अब हम भारत माता की गोद में आजादी से सांस ले सकेंगे.भारत की नागरिकता मिलने के बाद अब हमारी जिंदगी में किसी तरह का कोई डर और भय नहीं है. 21 पाक विस्थापितों में एक निर्मलाबाई ने बताया की यहां बरसों तक रहने के बावजूद भी माथे पर शरणार्थी का तमगा रहा.सिंध से हिन्द में रहने के लिए पक्की छत तो मिल गई लेकिन एक हिंदुस्तानी को मिलने वाली तमाम सुविधाएं इनसे दूर ही थी. लेकिन आज हम एक आजाद पंछी की जिंदगी जी सकेंगे.


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