एक और देश जला इस्लामिक आतंकवाद की आग में.. 71 सैनिकों की जान ले गए आतंकी


आखिर वो कौन सी सोच है जिसका उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ निर्दोष लोगों की जान लेना होता है, खून बहाना होता है? आखिर ये सोच कहाँ से पैदा होती है जिसे इंसानों की जान लेने में आनंद आता है? ये सोच कभी लश्कर, हिजबुल बनकर हिंदुस्तान के कश्मीर तथा अन्य हिस्सों में कत्लेआम मचाती है तो कभी तालिबान बनकर. ये सोच कभी मजहबी जिहाद के नाम पर अलकायदा बनकर कहर बरपाती है तो कभी ISIS बनकर नरसंहार करती है.

इसी मजहबी उन्मादी सोच का शिकार पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजर हुआ है जहाँ इस्लामिक आतंकी हमले में 71 सैनिकों की जान चली गई है. बताया जाता है कि आतंकवादियों ने शिविर पर तोप के गोले और मोर्टार दागे. हथियारों और ईंधन से हुए विस्फोट की वजह से काफी संख्या में सैनिक मारे गए. कहा जा रहा है कि ये भीषण हमला इस्लामिक आतंकी दल बोको हराम या ISIS ने किया है. बता दें कि नाइजर के सैनिक माली के पास पश्चिमी क्षेत्र में इस्लामिक स्टेट से संबद्ध जिहादियों और दक्षिणपूर्व में बोको हराम के आतंकवादियों के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं.

नाइजर के राष्ट्रीय टीवी चैनल पर नाइजर के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा ने बताया कि हथियारों से लैस आतंकवादी दर्जनों की संख्या में 4×4 वाहनों में आए और तहाउ क्षेत्र की सैन्य कैंप पर हमला कर दिया.उन्होंने बताया कि तीन घंटे तक भारी गोलीबारी हुई. नाइजर की सेना ने अभी मृतकों की संख्या जारी नहीं की है लेकिन नाम न जाहिर करने की शर्त पर सलाहकार ने इस अस्थायी संख्या की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि यह भीषण हमला नाइजर के दूरदराज इलाके में हुआ. यहां आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट से जुड़े जिहादी सक्रिय है.


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