JNU में सस्ती फीस चाहिए तो ‘जय श्री राम’ और ‘वंदे मातरम’ कहें वहां के छात्र


देश की राजधानी दिल्ली स्थिति जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी JNU इस समय जंग का अखाड़ा बनी हुई है. JNU के छात्र फीस बढ़ोत्तरी का जमकर विरोध कर रहे हैं. अफ़सोस की बात ये है कि फीस बढ़ोत्तरी के विरोध के नाम पर दिल्ली की सड़कों पर उत्पात मचाया जा रहा है. ये उत्पात वही लोग मचा रहे हैं जो इस्लामिक आतंकी अफजल गुरु को शहीद बताते हैं, भारत के टुकड़े करने की बात करते हैं, आजादी के नारे लगाते हैं.

पिछले कई दिनों से JNU में फीस का मुद्दा देश की एक प्रमुख खबर बना हुआ है. यहां तक कि देश की संसद में भी इस मुद्दे की गूँज सुनाई दी. इस बीच JNU में छात्रों के लिए फीस सस्ती हो, इसके लिए एक शर्त की मांग की गई है. ये मांग हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने की है. हिंदू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि ‘जय श्री राम’, ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ कहना जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में कम फीस का लाभ उठाने के लिए एक शर्त होनी चाहिए.

JNU

हिंदू महासभा के प्रमुख स्वामी चक्रपाणि ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय JNU में पढ़ रहे अधिकांश विद्यार्थियों को ‘भारत विरोधी’ करार देते हुए कहा कि उनकी इस मांग के पीछे का तर्क यही है कि वहां के छात्र ‘राष्ट्र-विरोधी’ हैं. उन्होंने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को खाना खिलाते हैं. लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि अगर वह गुमराह हो जाएं तो वे उन्हें अनुशासित नहीं कर सकते हैं. जो छात्र भटक गए हैं, उन्हें भी अनुशासित करने की जरूरत है.

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जब हिन्दू महासभा के प्रमुख स्वामी चक्रपाणि से ये पूंछा गया कि जय श्री राम तो एक धार्मिक नारा है, इसके उच्चारण का दवाब कैसे डाला जा सकता है तो उन्होंने कहा कि जो भगवान श्रीराम का नाम लेगा, वह मर्यादित रहेगा. अगर आप उनका नाम नहीं लेना चाहते, तो आप ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ तो कह सकते हैं. यह तो बोल सकते हो. ऐसा करना देशभक्ति है. उन्होंने JNU विद्यार्थियों को ‘पीजा-बर्गर वाला’ करार देकर ‘संस्कारों की कमी वाला’ कहा.


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