वो कौन सी जमात है जिसको कश्मीर के लिए सबसे बड़ा खतरा बता गये सत्यपाल मलिक.. या खोज लिया गया आतंकवाद का रूप ?


आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद अब जम्मू कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन चुका है. गिरीश चन्द्र मुर्मू ने जम्मू कश्मीर के पहले उपराज्यपाल के तौर पर शपथ ले चुके हैं. इससे पहले सत्यपाल मलिक जम्मू कश्मीर के राज्यपाल थे, जिन्हें अब गोवा का राज्यपाल बनाया गया है. जम्मू कश्मीर से विदा लेने के बाद सत्यपाल मलिक ने अपने कश्मीर के सफर को बेहद अच्छा बताया है. उन्होंने कहा कि मैंने कश्मीर पर कई किताबें पढ़ीं, दिल्ली में बैठे लोगों को सुना, लेकिन जैसा कश्मीर मैंने पाया वो अलग है.

इस बीच सत्यपाल मलिक ने कश्मीर के लिए सबसे बड़ा खतरा एक जमात को बताया है. जम्मू कश्मीर के पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कश्मीरियों की तारीफ की है तथा कहा है कि कश्मीरी अच्छे हैं लेकिन घाटी के लिए सबसे बड़ा खतरा जमात है. एक मीडिया चैनल से बात करते हुए सत्यपाल मलिक ने कहा कि कश्मीर के लिए सबसे बड़ा खतरा जमात है, जो वहाबी सीख देती है. उन्होंने बताया कि यह एक खतरनाक संस्था है, जिससे प्रभावित लोग कश्मीर में हर तरफ फैले हुए हैं. सत्यपाल मलिक ने कहा, ‘जमात के 20 प्रतिशत लोग सचिवालय में हैं. टीचर्स हैं. यहां तक कि महबूबा मुफ्ती की पार्टी भी इसी जमात की विचारधारा वाली पार्टी है.’

पीडीपी को वहाबी जमात की विचारधारा वाली पार्टी बताये जाने पर जब सत्यपाल मलिक से पूंछा गया कि पीडीपी के बार में ऐसी जानकारी होने के बावजूद उसके साथ बीजेपी ने सरकार क्यों बनाई? इस सवाल पर सत्यपाल मलिक ने कहा कि उसे हम भुगत रहे हैं.  सत्यपाल मलिक ने कहा कि कश्मीर का युवा पढ़ना और आगे बढ़ना चाहता है. बस कुछ लोग हैं जिन्होंने स्थिति खराब की है. उन्होंने बताया कि कश्मीर के युवा बहुत प्रतिभाशाली हैं और लोग बहुत अच्छे हैं और उनकी नाराजगी वहां के नेताओं से है.

गोवा के राज्यपाल बनाये गये सत्यपाल मलिक ने कहा कि नेताओं और जनता की नाराजगी में फर्क है और इन दोनों के सवाल अलग-अलग हैं. लोग मानते हैं कि कश्मीर की बर्बादी के लिए नेता जिम्मेदार हैं. सत्यपाल मलिक ने कहा, ‘नेताओं ने बहुत करप्शन किया है. जनता को अपने नेताओं से ज्यादा नाराजगी है. जनता के अंदर 370 के मसले पर ज्यादा रिएक्शन नहीं है. थोड़ी नाराजगी केंद्र शासित राज्य होने से है, लेकिन यह स्थायी नहीं है.’ मलिक ने कहा  कि उन्होंने कश्मीर में जो कार्य किये उससे वह संतुष्ट हैं. बता दें कि जब जम्मू कश्मीर से 370 हटाया गया था तब मलिक ही राज्य के राज्यपाल थे.


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