नागरिकता बिल CAB के बाद क्या होगा मोदी सरकार का अगला कदम.. संसद में ही बता गए गृहमंत्री अमित शाह


आज भारत की संसद के उच्च सदन राज्यसभा में एक नया इतिहास लिखा जाएगा. ये इतिहास उस समय लिखा जाएगा जब दोपहर 2 बजे संसद के पटल पर नागरिकता संशोधन विधेयक CAB रखा जाएगा. जिस तरह से बंपर बहुमत के साथ लोकसभा से ये विधेयक पास हो चुका है, उसे देखते हुए उम्मीद लगाई जा रही है कि विधेयक राज्यसभा से भी पास हो जाएगा. इस बिल के पास होते ही पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा अफगानिस्तान से भारत में शरण लेने वाले अल्पसंख्यकहिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी तथा ईसाई शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिलने का रास्ता साफ़ हो जाएगा.

ये तो रही नागरिकता संशोधन विधेयक की बात.. लेकिन इसके बाद मोदी सरकार का अगला कदम क्या होगा, इसके बारे में भी गृहमंत्री अमित शाह ने बता दिया है. लोकसभा में बिल पर चर्चा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा था कि मोदी सरकार देश में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन लेकर अवश्य आएगी और जब एनआरसी की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तो देश में एक भी अवैध घुसपैठिया नहीं रह जाएगा. अमित शाह ने कहा, “मानकर चलिए NRC आने वाला है.”

अर्थात गृहमंत्री शाह का सन्देश साफ़ था कि उनकी सरकार CAB पर ही नहीं रुकेगी बल्कि इसके बाद पूरे देश में NRC लागू किया जाएगा. बता दें कि इस वक्त सिर्फ असम में एनआरसी की प्रक्रिया चल रही है. अबतक हुई कार्यवाही में लगभग 19 लाख लोगों का नाम एनआरसी रजिस्टर में नहीं आया है. असम में ऐसे लोगों के लिए डिटेंशन सेंटर बनाया जा रहा है. एनआरसी वो प्रक्रिया है जिसके जरिए देश में गैर-कानूनी तौर पर रह रहे अवैध घुसपैठियों को पहचान करने की कोशिश की जा रही है. देश के गृह मंत्री अमित शाह ने ऐसे अवैध लोगों को देश से बाहर करने का वादा किया है.

विपक्ष द्वारा बिल को लेकर किये जा रहे सवालों को लेकर गृहमंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में बार-बार कहा कि इस बिल से भारत में रह रहे मुसलमानों को किसी तरह से डरने की जरूरत नहीं है. उन्होंने कहा कि इस बिल का भारत के मुसलमान नागरिकों से कोई लेना-देना नहीं है. इसलिए उन्हें किसी चीज से डरने की जरूरत नहीं है. अमित शाह ने कहा कि कई पार्टियां इसे लेकर भ्रम फैला रही हैं. लोकसभा में अपने संबोधन में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा था कि देश में रह रहे शरणार्थियों को डरने की कोई जरूरत नहीं है. उन्होंने घुसपैठियों और शरणार्थियों में अंतर स्पष्ट किया.

गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जो हिन्दू, बौद्ध, सिख, पारसी, इसाई और जैन पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार हैं और इस हालत में वे भारत आते हैं तो वे शरणार्थी कहलाएंगे, ऐसे लोगों को नागरिकता संशोधन के तहत भारत की नागरिकता दी जाएगी. जबकि वे लोग जो बांग्लादेश की सीमा से भारत में घुसते हैं, चोरी-छुपे आते हैं वे घुसपैठिए कहे जाएंगे. अमित शाह ने कहा कि ऐसे लोगों को भारत स्वीकार नहीं करेगा तथा NRC के तहत इनको बाहर किया जाएगा.


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