कांग्रेस ने “छपाक” टैक्स फ्री किया तो भाजपा ने “तानाजी”.. ये अंतर है योगी आदित्यनाथ और कमलनाथ में


समाज को संदेश देती इस से पहले भी कई फ़िल्में आई थी. कभी सेना के सम्मान में तो कभी महिला की सुरक्षा आदि को प्राथमिकता देते हुए, लेकिन उसको कुछ कारणों से टैक्स फ्री नहीं किया गया और न ही अपने कार्यकर्ताओं को आदेश मिला कि हर हाल में वो फिल्म देखो.. लेकिन JNU में वामपंथियो के उन्माद के ठीक बाद जिस प्रकार से दीपिका पादुकोण वहां कन्हैया जैसे लोगों के बगल खड़ी हो गईं , उसके बाद उनकी फिल्मो और उनके विज्ञापन के बहिष्कार की मांग उठने लगी.

अमूमन हिन्दू संगठनों ने इस बहिष्कार का एलान किया. बहिष्कार के इसी मांग के बाद जिस प्रकार से के बाद हिन्दू समूहों को देश के तमाम समस्याओं की जड समझने वाले वामपंथी , समाजवादी , बुद्धिजीवी व् अन्य उन्ही की सोच वाले समूह दीपिका पादुकोण के न सिर्फ समर्थन में आये बल्कि उनकी फिल्मो के लिए अपनी तरफ से टिकट बुक करवाने लगे वो पहली बार देखने को मिला. कई लोग इसको दीपिका के लिए प्रेम नहीं बल्कि हिन्दू समूहों के खिलाफ नफरत बता रहे हैं.

इसी में अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं के .लिए थियेटर बुक करवा डाले तो कमलनाथ ने एक मुख्यमंत्री की हैसियत से अपने प्रदेश में इस फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया. लेकिन उसी के साथ आई फिल्म तानाजी पर इन्ही नेताओं ने गौर भी नहीं किया. ये फिल्म भारत के गौरवशाली इतिहास का आइना है जिसमे मराठा योद्धाओं को भगवा ध्वज ले कर लड़ते और हिन्दुओ पर इतिहास में मुगलों द्वारा किये गये अत्याचार को जीवंत रूप में दिखाती है.

टैक्स फ्री तो दूर इस पर बयान भी नहीं आया किसी का. लेकिन योगी आदित्यनाथ ने आगे बढ़ कर इस फिल्म को अपने प्रदेश में प्रोत्साहित किया और इसको इतिहास का एक आईना बता कर इसको प्रदेश में करमुक्त किया. इस फिल्म को करमुक्त करने की घोषणा को उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर भी किया जिसका समाज में व्यापक स्तर पर स्वागत किया जा रहा है. योगी सरकार के इस फैसले को बाकी प्रदेशो के मुख्यमंत्री भी अपनाएंगे ऐसी आशा की जा रही है.


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