Breaking News:

“दंगाइयो की छाती में कील ठोंक दूंगा” कह कर जानिये कैसे कभी लालू यादव ने गिरफ्तार करवाया था आडवाणी जी को और रोक दी थी श्रीराम मन्दिर के लिए निकली रथ यात्रा


आज समय काफी हद तक बदल गया है और बदले हुए समय के साथ सम्भवतः लालू यादव की थोड़ी बहुत विचारधारा भी.. लालू यादव के एक ट्विट जिसमे उन्होंने अयोध्या भगवान श्रीराम के मन्दिर के लिए सुप्रीम कोर्ट के सुप्रीम फैसले का स्वागत करते हुए इसको देश व् समाज के लिए भाईचारे की मिसाल बताया है उसके बाद ये चर्चा आम हो गई है कि क्या ये वही लालू प्रसाद यादव हैं जिन्होंने श्रीराम के मन्दिर हेतु निकली रथ यात्रा को रोक दिया था और आडवाणी तक को गिरफ्तार करवा लिया था..

ये समय ज्यादा पुराना नहीं है.. कुछ दशक ही बीतें हैं . आज आडवानी भारत के तमाम राज्यों पर राज करती भारतीय जनता पार्टी के मार्गदर्शक मंडल में हैं तो लालू प्रसाद यादव गिरफ्तार हो कर जेल में.. समय के साथ सोच भी बदली इतना तो नहीं कहा जा सकता है लेकिन जो कुछ भी दिखाई दे रहा है उसको बदलाव जरूर कहेंगे .. ये उस समय की बात है जब आडवानी जी ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण का संकल्प ले कर रथ यात्रा निकाली थी और वो यात्रा बिहार पहुची थी..

ये इतिहास वर्ष 1990 का है। अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर निर्माण का मुद्दा जोर पकड़ रहा था। इसी बीच लालकृष्ण आडवाणी ने सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक ‘रथयात्रा’ निकालने की घोषणा की थी। रथयात्रा का संचालन वर्तमान प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी कर रहे थे जो मीडिया से बात करने के लिए अधिकृत थे.. भारतीय जनता पार्टी ने किसी भी हाल में किसी भी दबाव में ये यात्रा न रोकने का एलान किया था जिसको लालू प्रसाद यादव ने चुनौती के रूप में लिया था..

मुस्लिम वोटों को ध्यान में रखते हुए लालू प्रसाद यादव ने पूरी तैयारी की और यात्रा को बिहार तक आने दिया.. तब बिहार में पड़ने वाले धनबाद में गिरफ्तारी का प्लान बना, लेकिन अधिकारियों के बीच मतभेद के बाद यह योजना भी खटाई में पड़ गई। इस बीच आडवाणी की यात्रा का एक पड़ाव समस्तीपुर भी था। लालू यादव उन्हें यहां हर हाल में गिरफ्तार करना चाहते थे। लालकृष्ण आडवाणी समस्तीपुर के सर्किट हाउस में रुके थे और लालू यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उन्हें कहीं न जाने दिया जाए।

देर रात करीब दो बजे लालू यादव ने पत्रकार बनकर सर्किट हाउस में फोन किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आडवाणी के साथ कौन-कौन है। फोन आडवाणी के एक सहयोगी ने उठाया और बताया कि वो सो रहे हैं और सारे समर्थक जा चुके हैं। आडवाणी को गिरफ्तार करने का यह सबसे मुफीद मौका था और लालू यादव ने इसमें देरी नहीं की। 25 सितंबर को सोमनाथ से शुरू हुई आडवाणी की रथयात्रा 30 अक्टूबर को अयोध्या पहुंचनी थी, लेकिन 23 अक्टूबर को आडवाणी को बिहार में गिरफ्तार कर लिया गया।

आडवाणी की गिरफ्तारी के बाद केंद्र की सियासत में भूचाल मच गया। BJP ने केंद्र में सत्तासीन वीपी सिंह सरकार से समर्थन वापस ले लिया, जिसमें लालू प्रसाद यादव भी साझीदार थे, और सरकार गिर गई। यद्दपि लालू प्रसाद यादव ने इस से पहले किसी बड़े से बड़े आतंकी को पकड़वाने में इतनी तेजी नहीं दिखाई थी.. लालू प्रसाद यादव अपने अभियान में सफल रहे थे और उसी के चलते बाद में वो बिहार में मुस्लिम समाज के एक हीरो के रूप में सामने आये थे .. अपनी जीत को देखते हुए तब लालू प्रसाद यादव ने आडवाणी व् उनके साथ हिंदुवादियो को दंगाई कहा था और कहा था की वो दंगाइयो की छाती में कील ठोंक देंगे…


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share