रॉ के अधिकारी ने किया खुलासा.. ऐसे मिशन पर है मोदी सरकार जो किसी ने सोचा भी नहीं होगा


कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद केंद्र की मोदी सरकार एक ऐसे मिशन पर काम कर रही है, जिसके बारे में किसी ने सोचा तक नहीं है. ये दावा बीजेपी के किसी नेता मंत्री ने नहीं बल्कि भारत की खुफिया एजेंसी के पूर्व अधिकारी एकबी माथुर ने किया है. भारतीय खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व विशेष सचिव एबी माथुर ने कहा है कि केंद्र सरकार असम और मणिपुर के चार उग्रवादी संगठनों के साथ जल्‍दी ही शांति समझौता पर हस्ताक्षर कर सकती है.

एबी माथुर ने कहा है कि असम में यूनाइटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) समेत तीन और मणिपुर में एक उग्रवादी संगठन से समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. उन्होंने कहा है कि असम के तीन और मणिपुर के एक उग्रवादी संगठन से बातचीत अपने दौर में है. बता दें कि रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व विशेष सचिव एबी माथुर इस समझौते के लिए वार्ताकार की भूमिका में हैं. देश की राजधानी दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान एबी माथुर ने कहा कि हम असम में उल्फा, नैशनल डेमोक्रैटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) और कारबी ग्रुप से बात कर रहे हैं, वहीं मणिपुर में कुकी ग्रुप से भी बातचीत चल रही है.

उन्होंने कहा कि बातचीत संतोषजनक तरीके से चल रही है और मुझे उम्मीद है कि जल्दी ही समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे. बता दें कि इससे पहले उल्फा के जनरल सेक्रेटरी अनूप चेतिया ने भी एक अखबार से बातचीत में कहा था कि केंद्र सरकार के साथ उनकी बातचीत आखिरी दौर में है और अगले दो महीनों में समझौता हो जाने की उम्मीद है. उल्फा की ओर से कहा गया है कि अब तक बातचीत सकारात्मक रही है और कई मुद्दों का हल निकला है. माना जा रहा है कि अगर शान्ति समझौता हो जाता है तो इससे असम और मणिपुर में शान्ति आएगी तथा ये मोदी सरकार की बहुत बड़ी सफलता होगी.


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