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जिन अमेरिकी फौजियों ने अपने प्राण दे कर ईराक को किया ISIS से आज़ाद अब उसी ईराक की जनता ने अमेरिकी सेना पर लगाया ये आरोप


अभी ज्यादा समय नहीं बीते हैं ईराक के उन भयावह दिनों के जब इस्लामिक स्टेट नाम से खून खराबा करते हुए आतंकी दल ISIS सीधे राजधानी बगदाद तक पहुच गया था . बीच में उसे जो कुछ भी मिला था उसने तहस नहस कर दिया था . महिलाओं को बंधक बनाया और उनके साथ सामूहिक बलात्कार किये, फिर युवाओं का गला काटा और बच्चे वृद्धो तक को फांसी दी.. यहाँ तक की महिलाओं की मंडियां लगा कर बाजार के रूप में उन्हें बेचा भी ..

उस समय इराकी सेना उनके आगे पल भर भी नहीं टिक पा रही थी और ये माना जा रहा था की जल्द ही ईराक पूरी तरह से ISIS के कब्जे में आ जाएगा.. तब ईराकी शासन ने अमेरिका से मदद मांगी थी और बाकायदा गुहार लगाते हुए कहा था की उन्हें बचा लिया जाय.. अमेरिकी फौजों ने ईराकी सेना से दो कदम आगे रहते हुए जंग लड़ी और अपने कई योद्धा इस जंग में खोये. कई बलिदान के बाद ईराक से ISIS पूरी तरह से उखड़ गया और फिर से सत्ता ईराकी शासन के पास आ गयी .

लेकिन जैसे ही ISIS वहां से खत्म हुआ वैसे ही ईराक की वही जनता जो त्राहि त्राहि कर रही थी ISIS के आतंक से उसके सुर बदल गए और उन्होंने एकदम नया रूप धारण कर लिया . अब वही इराकी जनता का एक बड़ा वर्ग अमेरिकी फौजों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन कर रहा है और उन्हें ही अपने देश में होने वाले तमाम विवादों और आतंकी हरकतों का जिम्मेदार मान रहा है .. कर्बला में रहने वाले 35 वर्षीय हसन अली का कहना है कि अमरीका पिछले 3 दशकों से इराक़ में हिंसा और अराजकता फैला रहा है और यह सब तेल का खेल है।

इतना ही नहीं, अपनी बयानबाजी आगे बढाते हुए उन्होंने कहा, 1990 में अमरीका ने सद्दाम को उकसाकर कुवैत पर हमला करवा दिया, जिसके बाद कुवैत को सद्दाम से बचाने के लिए इराक़ पर हमला कर दिया। उसके बाद 2003 में सामूहिक हथियारों के बहाने इराक़ पर सैन्य चढ़ाई कर दी। इसी के साथ  बसरा के रहने वाले नागरिक मोहम्मद क़ासिम का कहना था कि अमरीका को अब हमारे आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना बंद करना चाहिए.

ईराक की एक बड़ी आबादी ने तो अमेरिका के खिलाफ खुल कर बयानबाजी भी शुरू कर दी है . उनके अनुसार इराक़ की आम जनता रोष में है और उसका कहना है कि जब तक देश से राष्ट्र के दुश्मन अमरीका को पूर्ण रूप से बाहर नहीं किया जाता है, इस तरह की घटनाएं होती रहेंगी।    फ़िलहाल  अपने कई सैनिक गंवा कर ईराक की जनता को आतंकी दल ISIS से मुक्त करवाने वाले अमेरिका के लिए ये प्रदर्शन हैरान कर देने वाला है और उसी के साथ पूरी दुनिया में भी एक संदेश जा रहा है जो किसी ऐसे देश के दुबारा समर्थन पर सवाल खड़े कर रहा है भविष्य को ले कर .


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