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Delhi Results मात्र 12 प्रतिशत मतदाता है दिल्ली में मुस्लिम समुदाय के. हिन्दुओ के वोटों का जबर्दस्त विभाजन


दिल्ली के विधानसभा चुनावों में जिस प्रकार से अब तक रुझान आये हैं उसके बाद ये माना जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस पार्टी मिल कर भी मुस्लिम वोटों में सेंध नहीं मार पाई और आम आदमी पार्टी को एकतरफा मुस्लिमों ने वोट किया है. दिल्ली में मुस्लिम वोटरों की संख्या मात्र १२ प्रतिशत है लेकिन उतने ही आख़िरकार निर्णायक साबित होते दिखाई दे रहे हैं. हिन्दू वोटों का जबर्दस्त बिखराव देखने को मिला है.

अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ने जिस प्रकार से जामिया के प्रदर्शन से ले कर JNU की नारेबाजी तक अपने और अपनी पार्टी के रुख को अलग रखा उसके परिणाम साफ़ साफ़ दिखाई देने लगे हैं. संसद में संजय सिंह ने CAA बिल का विरोध किया था उसको भी इन चुनावों में एक वर्ग द्वारा याद रखा गया है. धारा 370 . श्रीराम मन्दिर जैसे मामले में भी हिन्दुओ के वोटों को एकजुट नहीं रख सके.

दिल्ली की सियासत में मुस्लिम मतदाता 12 फीसदी के करीब हैं. दिल्ली की कुल 70 में से 8 विधानसभा सीटों को मुस्लिम बहुल माना जाता है, जिनमें बल्लीमारान, सीलमपुर, ओखला, मुस्तफाबाद, चांदनी चौक, मटिया महल, बाबरपुर और किराड़ी  सीटें शामिल हैं. इन विधानसभा क्षेत्रों में 35 से 60 फीसदी तक मुस्लिम मतदाता हैं. साथ ही त्रिलोकपुरी और सीमापुरी सीट पर भी मुस्लिम मतदाता काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं.


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