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“वैलेंटाइन डे” आदि का कभी विरोध न करने वाली कांग्रेस ने जब संभावित “सर्जिकल स्ट्राइक डे” के बारे में सुना तो दी चौंकाने वाली प्रतिक्रिया. जबकि ये सम्मान में था सेना के जानिये क्या प्रतिक्रिया आई कांग्रेस की तरफ से ..

इस देश में ऐसे ऐसे दिवस मनाये गये हैं जिसको यकीनन एक बड़ा वर्ग क्यों और कैसे आदि जानता ही नहीं है . वैलेंटाइन डे तक को इस देश में खुला समर्थन राजनेताओं द्वारा दिया जाता है जबकि प्रेम करने का कोई ख़ास दिवस नहीं होता . ये मात्र एक विदेशी के नाम पर कई देशो में मनाया जाता है जिसकी नकल भारत में पाश्चत्य संस्कृति को फैलाने के लिए की जाती है , वो भी सत्ता के कुछ लोगों द्वारा प्रोत्साहन मिलने के बाद . फिलहाल सुदर्शन न्यूज किसी भी प्रकार से प्रेम के खिलाफ नहीं है लेकिन जब भारत की सेना के शौर्य को हर साल याद दिलाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक डे मनाने की बात आई तो भारत की सत्ता में सबसे ज्यादा लम्बे समय तक रह चुकी और वर्तमान में विपक्ष से फिर से सत्ता में आने की कोशिश करती कांग्रेस पार्टी की तरफ से अजीब सी प्रतिक्रिया आई है .

विदित हो कि कांग्रेस पार्टी के संजय निरुपम ने ही सबसे पहले सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाया था जिसके बाद वो देश के बहुसंख्यक जनता के आक्रोश होने की वजह बनी थी . एक बार फिर से कुछ उसी राह पर चलती दिख रही है कांग्रेस पार्टी . विश्वविद्यालयों में ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ मनाने संबंधी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देश को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार (21 सितंबर) को सवाल किया कि क्या यूजीसी आठ नवंबर को हुई नोटबंदी को भी ‘सर्जिकल स्ट्राइक दिवस’ के रूप में मनाने की हिम्मत करेगा. पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री सिब्बल ने ट्वीट कर कहा, ”यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के रूप में मनाएं. क्या इसका मकसद लोगों को शिक्षित करना है या फिर बीजेपी के राजनीतिक हितों की पूर्ति करना है?”

उन्होंने पूछा, ”क्या यूजीसी आठ नवंबर (नोटबंदी का दिन) को लोगों की उनकी जीविका से उपेक्षित किए जाने को भी सर्जिकल स्ट्राइक दिवस के तौर पर मनाने की हिम्मत करेगा ? सर्कुलर को लेकर केंद्रीय मंत्री जावड़ेकर ने कहा कि हमने किसी संस्था या फिर विद्यार्थी पर इसे थोपने की कोशिश नहीं की है। “सर्जिकल स्ट्राइक डे” को लेकर हमने यह सर्कुलर इसलिए जारी किया है क्योंकि हमें इससे संबंधित कार्यक्रम का आयोजन करने के लिए कई शिक्षकों और छात्रों ने सुझाव दिए थे। इसे केवल एडवाइजरी समझा जाए।  यूजीसी के सर्कुलर को लेकर केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि 29 सितंबर यानी “सर्जिकल स्टाइक डे” को हमने कॉलेजों से पूर्व सैन्य अधिकारियों के व्याख्यान कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए कहा है। जो इसे आयोजित कर सकते हैं वो करें, ये जबरन नहीं थोपा गया है। उन्होंने कहा कि सेना के अधिकारी इस आयोजन के जरिए बता सकते हैं कि कैसे सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया गया था। इसमें कोई राजनीति नहीं है, इसमें केवल देशभक्ति है।

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