कभी चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान स्थल को रंग दिया था हरे रंग से समाजवादी पार्टी के नेताओं ने.. भगवा से खुन्नस में - Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest Khabar -

कभी चंद्रशेखर आज़ाद के बलिदान स्थल को रंग दिया था हरे रंग से समाजवादी पार्टी के नेताओं ने.. भगवा से खुन्नस में


भारत के वीर बलिदानियों को कभी रंग दिया जाता था राजनीति और मजहबी रंगों में और ये वो किया था उन्होंने जिन्होंने संभवतः कभी भी अपने जीवन काल में चंद्रशेखर आज़ाद जैसे वीरों के लिए आवाज तक नहीं उठाई होगी.. जिस भारत माता के लाल को अंग्रेजो ने उनकी वीरगति के बाद भी कई घंटे तक पास जाने में डर के चलते संकोच किया अब उन्ही वीरो के वीरगति स्थलों को हरे रंग से  रंग दिया गया था .

इसको महान योद्धा चन्द्रशेखर आज़ाद का अपमान ही माना गया था जिसको बड़ी निर्लज्जत के साथ किया था अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी ने .ज्ञात हो कि एक बेहद सनसनीखेज घटनाक्रम में प्रयागराज में मौजूद वीर बलिदानी चंद्रशेखर आज़ाद जी की प्रतिमा के बदल भगवा रंग में सरकार द्वारा रंगाई गई रेलिंग को हरे रंग से समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने रंग दिया था.

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योगी सरकार की ये खुन्नस चंद्रशेखर आज़ाद से निकाली गई थी. समय था प्रयागराज का महाकुम्भ, जिसके चलते हिन्दुओ  की धार्मिक भावनाओ को ध्यान में रख कर योगी सरकार ने सभी मार्गो आदि को भगवा रंग में रंगवाया है जो साधू संतो के वस्त्रों का भी रंग है लेकिन समाजवादी पार्टी ने चंद्रशेखर आज़ाद जी के बलिदान स्थल को हरा रंग से रंगने के बाद एलान कर दिया था कि वो ऐसी तमाम स्थलों को हरा रंग में रंग देगी जो भगवा में दिखेंगे .

यद्दपि वही समाजवादी कुंभ क्षेत्र को हरे रंग से नहीं रंग पाए थे. यही पार्क था जहाँ आज़ाद जी ने अंग्रेजो से घंटो लड़ने के बाद वीरगति पाई थी . उसी आजाद पार्क की रेलिंग को रंगे जाने पर सपाईयों का कहना था कि ये सरकार पैसे का दुरुपयोग कर रही है, यह बंद करना चाहिए। अगर वह भगवा रंग में रेलिंग रंगेंगे तो हम उसे हरे रंग में रंग देंगे।” इस घटना के बाद न सिर्फ राष्ट्रभक्त बल्कि साधू संत भी काफी नाराज हुए थे और प्रशासन व् शासन से ऐसे कृत्य करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग भी की थी..

यहाँ समाजवादी पार्टी शायद ये भूल गई थी कि भारत माता की भक्ति के साथ चन्द्रशेखर आज़ाद जी धार्मिक प्रवित्ति के क्रन्तिकारी थे और हनुमान जी के अनन्य भक्त थे .. वो प्रयागराज प्रवास के दौरान गंगा माँ में स्नान के साथ ही अपनी दिनचर्या शुरू करते थे . लेकिन उनकी वीरगति स्थल को हरे रंग से पोत देना किस समाजवादी सोच को दर्शाता है ये विचार का विषय है और अखिलेश यादव के लिए जवाब देने का भी . जिस पर न तो कड़ी कार्यवाही हुई थी और न ही कोई सफाई आई थी.


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