इतिहास में पहली बार मुसलमानों के पक्ष में ऐसे खड़ी हुई शिवसेना. नागरिकता संसोधन बिल पर बोली – “नही बंटने देंगे हिन्दू और मुसलमान को”.


ये बदला हुआ रूप हर किसी के लिए नया है और अप्रत्याशित भी.. शविसेना के इस रूप को न सिर्फ मुसलमान पहली बार देख रहे हैं बल्कि हिन्दू समाज भी ऐसा रूप शायद सोचा भी नहीं था. उद्धव ठाकरे ने जब कांग्रेस और NCP के साथ गठबंधन कर के सरकार बनाई थी तब ऐसा माना जा रहा था कि वो अपने मूल सिद्धांत से हट कर चलने लगेंगे लेकिन उसी बीच उनका एक और बयान आया जिसमे उन्होंने कहा कि वो हिंदुत्व की विचारधारा को नहीं छोड़ेंगे.. तब फिर से कई लोग मान गये कि शायद उद्धव जैसे थे वैसे ही रहेंगे.

अब अचानक ही नागरिकता संशोधन बिल पर शिवसेना के रुख से हर किसी को हैरानी हो रही है.. इस बिल पर जहाँ भारतीय जनता पार्टी शिवसेना के समर्थन की आशा कर रही थी तो वहीँ शिवसेना ने इसका सिरे से विरोध करते हुए कहा है की भारतीय जनता पार्टी भारत के हिन्दू और मुसलमानों के खिलाफ एक अदृश्य खाई पैदा करने का प्रयास कर रही है जिसको शिवसेना किसी भी हाल में सफल नहीं होने देगी. मोदी सरकार के इस बिल के खिलाफ उद्धव के जाने के बाद अब भाजपा अकेली पड़ती दिखाई दे रही है..

इसी बीच संजय राऊत ने भी इस पर तंज कसते हुए सवाल किया है कि पहले भारतीय जनता पार्टी ये बताये कि कश्मीर में उसने कितने हिन्दू वापस बसा दिये हैं.. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले बुधवार को इस विधेयक को मंजूरी दी थी. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि नागरिकता संशोधन विधेयक में भारत के हितों को ध्यान में रखा जाएगा. उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि जब विधेयक के प्रावधानों की घोषणा होगी तो असम समेत पूर्वोत्तर और संपूर्ण भारत में इसका स्वागत किया जाएगा.”


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