धारा 370 तथा श्रीराम मंदिर के बाद क्या है भाजपा का वो तीसरा वादा, जिसे पूरा करने की तरफ बढ़ गई है मोदी सरकार ?


जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने तथा अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ़ हो जाने के बाद अब मोदी सरकार अपने तीसरे व सबसे बड़े वादे को पूरा करने में जुट गई है. जिस समय भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी, उस समय से ही बीजेपी के जो सबसे बड़े तीन प्रमुख मुद्दे रहे हैं वो कश्मीर से धारा 370 हटाना, अयोध्या में जन्मभूमि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाना तथा देश के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून अर्थात समान नागरिक संहिता/कॉमन सिविल कोड.

स्थापना के समय से ही बीजेपी इन मुद्दों को लेकर वोट मांगती रही है तथा इन्हें पूरा करने का वादा करती रही है. बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में भी जम्मू कश्‍मीर से अनुच्‍छेद 370 हटाए जाने पर वोट मांगा था जिसे मोदी सरकार ने दोबारा सत्ता में आते ही पूरा कर दिया है. भले ए अयोध्या मामले का फैसला कोर्ट से आया हो  लेकिन ये बीजेपी का प्रमुख वादा था तथा ये वादा बीजेपी की मोदी सरकार में पूरा हुआ है तो जनता इसका श्रेय मोदी सरकार को दे रही है.

आज बीजेपी जो कुछ है, इन्हीं मुद्दों तथा अपनी प्रखर हिन्दू राष्ट्रवादी विचारधारा की बजह से है. अब बीजेपी का एक तीसरा प्रमुख एजेंडा बचा है वो है, कॉमन सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता. राममंदिर निर्माण करवाने के साथ ही बीजेपी जनता से किया गया यह तीसरा वादा भी वह जल्द पूरा करेगी, जिसका इशारा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कर दिया है. उन्‍होंने अयोध्‍या फैसला आने के बाद इसका समर्थन करते हुए कहा कि इसकी अब आवश्‍कता है.

अयोध्‍या फैसले के बाद बीजेपी के नेता और समर्थक समान नागरिक संहिता की बता करने लगे हैं. सोशल मीडिया पर तो लोग अब समान नागरिक संहिता की बारी जैसी बातें करते दिखाई दे रहे हैं. वहीं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पत्रकारों ने समान आचार संहिता को लेकर पूछे गए सवाल पर बोले कि अब समय आ गया है कि कॉमन सिविल कोड लागू किया जाए. बताया जाता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राजग सरकार देश में समान आचार संहिता लागू करने की दिशा में लंबे समय से काम कर रही हैं.

ज्ञात हो कि इस संबंध में कुछ समय पूर्व मोदी सरकार ने विधि आयोग से देश में समान आचार संहिता (यूनिफॉर्म सिविल कोड) लागू करने की स्थिति में उसके निहितार्थों की जांच करने के लिए कहा था और रिपोर्ट भी मांगी थी. इस समय की मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आजादी के बाद यह पहला मौका था जब किसी सरकार ने समान नागरिक संहिता पर विधि आयोग से उसकी राय मांगी थी. अब रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान के बाद लग रहा है कि वो दिन जल्द ही आयेगा जब देश में सिविल कोड लागू होगा तथा देश के सभी नागरिकों के लिए समान क़ानून होंगे. ये अलग है कि तमाम कथित बुद्धिजीवी तथा सेक्यूलर इसके विरोध में हैं लेकिन उम्मीद है कि क़ानून लागू होगा.


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