बंपर बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार केंद्र की सत्ता में आने वाली मोदी सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में है. शपथ ग्रहण के बाद से ही मोदी सरकार 2 उन एजेंडों को लागू करने पर लगी है, जो बीजेपी के मूल एजेंडे माने जाते हैं. मोदी सरकार 2 की सक्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार को गठित हुए अभी 6 महीने ही हुए हैं कि इसी दौरान ही तीन तलाक, काश्मीर से धारा 370 हटाना, अयोध्या श्रीराम मंदिर तथा नागरिकता संशोधन विधेयक जैसे मामले हल किये जा चुके हैं.

हाल ही में मोदी सरकार से संसद के दोनों सदनों से नागरिकता संशोधन विधेयक पास कराया है, जिसे लेकर अराजक तत्व अभी तक हो हल्ला भी कर रहे हैं. लेकिन मोदी सरकार यहीं रुकने वाली नहीं है. खबर के मुताबिक़, तीन तलाक, अनुच्छेद 370 और नागरिकता संशोधन के अलावा कईं महत्वपूर्ण बिलों को लोकसभा में पास कर कानून बनाने के बाद अब केंद्र सरकार इस दो और बड़े बिलों को लाने की तैयारी में है. यह ऐसे बिल हैं जिनके बारे में सुनकर विपक्षी दलों के तो होश उड़ ही जाएंगे लेकिन ये भारत को बदलने वाले साबित होंगे.

यह बिल देश की जनसंख्या और नागरिक अधिकारों को लेकर हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, संसद में नागरिकता बिल के पास होने के बाद अब केंद्र सरकार जनसंख्या नियंत्रण कानून और समान नागरिक संहिता को लेकर बिल लाने की कोशिश में है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अंदरखाने इसे लेकर चर्चा भी शुरू हो गई है. हालांकि, फिलहाल इसे लेकर सरकार और पार्टी के किसी भी पदाधिकारी या अधिकारी की तरफ से कोई बयान नहीं आया है लेकिन कहा जा रहा है कि सरकार के अंदर इस पर चर्चा शुरू हो चुकी है.

सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पिछले हफ्ते जब शाह नागरिकता बिल पर पार्टी नेताओं से चर्चा कर रहे थे तब उस बैठक में समान नागरिक संहिता को लेकर बात निकली थी और उसी समय ये भी कहा गया था कि इसे अच्छा समर्थन मिलेगा. हालांकि, जनसंख्या नियंत्रण और समान नागरिक संहिता कानून को लेकर लंबे समय से चर्चा चली आ रही है. जब भी कोई बड़ा कानून लागू होता है तो इन दोनों मुद्दों पर भी बिल लाने का जिक्र भी होता है.

इसमें सबसे प्रमुखता से जनसंख्या नियंत्रण क़ानून का जिक्र किया जा रहा है. यह कयास इसलिए भी लगाए जा रहे हैं क्योंकि कुछ नेताओं का मानना है कि प्रधानमंत्री ने अपने भाषणों में जनसंख्या नियंत्रण का जिक्र किया था और जब भी वो किसी मुद्दे पर चर्चा करते हैं तो उसे लेकर कदम भी उठाते हैं. प्रधानमंत्री ने 73वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से कहा था कि तेजी से बढ़ती आबादी पर हमें आने वाली पीढ़ी के लिए सोचना होगा. इसके बाद जनसंख्या नियंत्रण पर बिल के कयास लगने लगे हैं. वहीं दूसरी तरफ समान नागरिक संहिता पुराना मुद्द है. सूत्रों का कहना है कि बहुत जल्द केंद्र सरकार इन दो मामलों पर भी क़ानून ला सकती है.


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