किसके लिए इतने हथियार बनाकर रखे थे गुलजार तथा उसके साथियों ने? कौन था उसके निशाने पर ?

उत्तर प्रदेश के मेरठ से अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़े जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ उन्मादी गुलजार तथा उसके साथी अवैध रूप से हथियार बनाते थे. मामला कोतवाली थाना क्षेत्र हाथरस रोड स्थित बरामई बंबा और खरजा नहर के निकट पुराने नहर कोठी स्थल का है जहाँ शनिवार की रात को पुलिस ने छापा मारकर अवैध रूप से शस्त्र बनाने की फैक्टरी पकड़ी है. मौके से अदनान तथा उसके दो साथियों को गिरफ्तार किया गया है. मौके से 10 तमंचे देसी और एक देसी पिस्टल भी बरामद की गई है. शस्त्र बनाने के काफी उपकरण भी बरामद किए गए हैं.

इस बार मौलवियों ने विरोध किया है उस पार्टी का जो बिल्कुल अप्रत्याशित है

अभी तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ जैसी जगहों से इस तरह के मामले सामने जरूर आये हैं, लेकिन अब हाथरस से अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़े जाने के बाद तमाम तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर गुलजार किसके लिए हथियार बनाता था? इससे भी बड़ा सवाल ये है कि आखिर कौन निशाने पर था, जिसके लिए ये हथियार बनाये जा रहे थे? पुलिस क्षेत्राधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि कोतवाल डीके सिसौदिया पूरी टीम के साथ शनिवार की सायं गश्त पर थे. तभी पंत चौराहे पर पहुंचने पर उन्हें और एसओजी टीम के सुधीर कुमार को मुखबिर ने शस्त्र बनाने के बारे में जानकारी दी.

कश्मीर में अलग PM की बात करने वाले नेता ने पहले लिया था “अल्लाह” का नाम

रात्रि करीब पौने दस बजे जब पुलिस टीम नहर की कोठी पर पहुंची तो वहां से ठोकने-पीटने की आवाजें आ रही थीं. नजदीक जाकर देखा तो पाया कि गैस के हंडे की रोशनी में तीन व्यक्ति शस्त्र बना रहे थे. घेराबंदी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया. घटनास्थल पर शस्त्र बनाने के समस्त उपकरण मिले. इसके अतिरिक्त बने हुए आठ तमंचा 315 बोर, दो खोखा कारतूस, एक तमंचा 12 बोर, तीन कारतूस, एक पौनिया 12 बोर, एक तमंचा 32 बोर और एक पिस्टल देसी के अतिरिक्त कई अधबने तमंचे भी बरामद हुए. इसके अलावा शस्त्र बनाने के उपकरण निहाई, छैनी, हथौड़ा, आरियां, ड्रिल मशीन, स्प्रिंग और कीलें आदि मिलीं.

योगी सरकार को बर्खास्त करने का वादा.. उसके लिए रखी गई है ये शर्त

सीओ ने बताया कि शस्त्र दिल्ली के मकनपुर गांधी चौक निवासी गुलजार पुत्र दिलपुकार के निर्देशन में बनाए जा रहे थे. इसके खिलाफ दिल्ली पुलिस में लूट और जघन्य वारदातों के 10 मामले चल रहे हैं. दूसरा आरोपी नगर के मोहल्ला दमदमा निवासी अदनान पुत्र अफसार और तीसरा पुरदिलगनर निवासी राजू अब्बासी पुत्र भूरे अब्बासी है. उन्होंने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है तथा ये भी पता लगाया जा रहा है कि आखिर इनके संपर्क में कौन कौन था.

“हिन्दू आतंकी नहीं होता”.. नरेंद्र मोदी के इस शब्द को पचा नहीं पा रहा विपक्ष और साबित करना चाहता है कि मोदी झूठ बोल रहे हैं

Share This Post