बीवी के बाद साली पर भी मर मिटा इमाम अहमद, पर जब वो न मानी तो बन गया हैवान


साली अलीशा इरफ़ान की सिर्फ ये गलती थी कि वह अपने जीजा इमाम अहमद की बातों  में नहीं आ रही थी. इमाम अहमद अपनी बीवी के साथ ही अपनी साली अलीशा पर भी मर मिटा था तथा उससे निकाह करना चाहता था. अलीशा इसके लिए तैयार नहीं थी तथा वह किसी अन्य युवक से प्यार करती थी. जब इमाम को ये पता चला कि उसकी साली उसके बजाय किसी और के साथ रिलेशनशिप में है तो वह भड़क उठा तथा हैवान गया. इसके बाद इमाम अहमद ने साली अलीशा इरफ़ान की ह्त्या कर दी.

मामला उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले का है जहाँ 1 नवंबर की सुबह बिरनो थाना अंतर्गत बिरनो-दुल्लहपुर मार्ग पर महमूदपुर ढेबुहां स्थित एक ईंट भट्ठे के पास झाड़ी में एक युवती का शव मिला था, जिसका चेहरा और गला धारदार हथियार से काटा गया था. बुधवार को पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि वह युवती अलीशा थी जिसे उसके जीजा ने ही मार डाला था. इस दौरान हत्यारोपी जीजा इमाम को सबके पेश किया गया, उसने अपना जुर्म भी सबके सामने कबूल किया.

बता दें कि चर्चित अलीशा हत्याकांड के खुलासे के लिए गाजीपुर की बिरनो पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया था. पुलिस ने घटना का खुलासा करने और कातिल को पकड़ने के लिए चारो तरफ जाल बिछा दिया था. मंगलवार को टीम ने हत्याकांड में शामिल जीजा इमाम अहमद सहित कुछ लोगों को गिरफ्तार कर लिया. उसके पास से एक बाइक, हत्या में प्रयुक्त दाव (चापड़), पिट्ठू बैग, शर्ट और मृतका का गुलाबी रंग का बैग, चप्पल, 2 मोबाइल मय 3 सिम के बरामद किया गया.

एसपी द्वारा की गयी पूछताछ में आरोपी ने बताया कि ‘मैं मृतका का सगा जीजा हूं. मृतका कुल 8 बहनें है तथा 2 भाई है, जिसमें मृतका 8वें नंबर की थी. मृतका के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, जिससे मैं समय-समय पर आर्थिक मदद करता था. परिवार की गैर मौजूदगी में मैं अधिकांश ससुराल आता था, जिससे अलीशा से मेरी नजदिकियां बढ़ गई. अलीशा खुले विचार की लड़की थी, इसलिए कालेज में क्लर्क एवं कुछ लड़कों से बात करती थी, जो मुझे नागवार गुजरा. मैंने शादी का प्रस्ताव रखा, लेकिन उसने मना कर दिया’.

आरोपी जीजा इमाम ने आगे बताया कि ‘मृतका पढ़ाई एवं नौकरी के लिए किछौछा शरीफ दरगाह पर मन्नत मांगी थी. घटना वाले दिन मैंने फोन कर साली अलीशा को बुलाया और उसे लेकर दरगाह पर गया. वापस आते समय मैं लघुशंका का बहाना कर बिरनो के ढेबुहा गांव के पास बाइक रोका. अलीशा दूसरे तरफ मुंह कर खड़ा थी. उसी वक्त मैने चापड़ से उसके गला और चेहरे पर कई वार किये, जिससे उसकी मौत हो गई. इसके बाद मृतका साली अलीशा के शव को झाड़ी में फेंक वहां से चला गया.


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