लोकसभा के 311 व् राज्यसभा के वो 125 सांसद, जो सदा के लिए अमर हो गये इतिहास में


आज एतिहासिक नागरिकता संसोधन बिल के समर्थन में जिस प्रकार से तमाम पार्टियों की एकजुटता दिखाई दी, ठीक उसी प्रकार से पिछले दिन लोकसभा में भी दिखी थी.. आज 125 सांसदों ने दुनिया भर के हिन्दुओ को मुस्कराने और अपने जीवन की सबसे बड़ी ख़ुशी मनाने का मौका दे दिया है. संसार में जहाँ भी इस्लामिक शासन आया वहां हिन्दू समाज प्रताड़ित होना शुरू हो गया . ये पहले भारत में भी मुगलकाल के समय था, लेकिन हिन्दुओ ने संघर्ष कर के अपने कुछ भूभाग पुनः पाए. यद्दपि कभी वो विश्वविजेता थे.

उसमे भी कुछ तथाकथित राजनीतिज्ञ एक विशेष सोच को ले कर आये और उन्होंने हिन्दू समाज को अन्दर से खोखला करना शुरू कर दिया . उन्होंने हिंदुत्व की आवाज उठाने वालों को सम्प्रदायिक कहना शुरू कर दिया और अपना सर्वस्व राष्ट्र व् धर्म को न्योछावर कर के अमर हो गए वीर सावरकर को खुलेआम गलियाँ दी.. मकसद सिर्फ एक था कि हिन्दू समाज अन्दर से इस प्रकार से बना दो जिसमे वो शौर्य के बजाय केवल उस मानसिकता में जीवित रहे जिसमे वो खुद को सदा दबा कुचला महसूस करे .

लेकिन जिस प्रकार से आज 125 राज्यसभा व् कल 311 लोकसभा सांसदों ने इस बिल का समर्थन किया था वो एक नया इतिहास बना डाला है .यकीनन ये कहना गलत नहीं होगा की भारत का अमूलचूल परिवर्तन कर रहे नरेंद्र मोदी के साथ खड़े ये सभी सांसद इतिहास के पन्नो में हिन्दू शब्द के साथ सदा के लिए अमर हो गये.. आज के हजारों वर्ष बाद भी जब कोई हिन्दू दुनिया में प्रताड़ित हो कर भारत आएगा तो वो इन सांसदों की स्मृति को हृदय से धन्यवाद जरूर करेगा.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share