गौवंश के मामले में चूक पड़ी इतनी भारी कि सस्पेंड हो गया जिलाधिकारी.. योगीराज में न्याय


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की गाय, गौशाला तथा गौरक्षा को लेकर नीति तथा नियति कितनी साफ़ है, ये सभी जानते हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही साफ़ कर चुके हैं इस विषय पर ज़रा सी भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती है. योगी आदित्यनाथ अपने इस कमिटमेंट को लेकर कितने सक्रिय हैं, इसकी एक झलक उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले से सामने आई है जहाँ गोवंश मामले में लापरवाही के कारण जिलाधिकारी को निलंबित कर दिया गया है.

खबर के मुताबिक़, यूपी के महाराजगंज की एक गौशाला में बड़ी लापरवाही सामने आई. गौशाला के कागजों में 2500 गाय दिखाई गईं थी. लेकिन जब निरीक्षण हुआ तो मौके पर सिर्फ 954 गाय ही मिलीं. इस पर सीएम योगी ने जिलाधिकारी सहित 5 अधिकारी सस्पेंड कर दिए हैं. सीएम योगी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह की लापरवाही बरतने पर किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा. ये जानकारी प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव आरके तिवारी ने दी है.

मुख्य सचिव आरके तिवारी ने बताया कि जनपद महाराजगंज के निचलौल तहसील के मधवलिया गो-सदन में निराश्रित गोवंशके रखरखाव में लापरवाही की लगातार शिकायतें मिल रहीं थी. शासन ने अपर आयुक्त प्रशासनिक, गोरखपुर मंडल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया. जिसने इस पूरे मामले की जांच की. जांच में गोवंश की संख्या में काफी अनियमितताएं पाई गई. सरकारी कागजात में कुल 2500 गोवंश होने की बात कही गई थी, लेकिन मौके पर 954 गोवंश मिले.

इसके अलावा गो-सदन की 500 एकड़ भूमि में से अधिकारियों द्वारा गैरकानूनी तरीके से 328 एकड़ भूमि को कृषकों, फर्म एवं अन्य व्यक्तियों को दिए जाने का मामला भी भी सामने आया. उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव ने कहा कि अपर आयुक्त प्रशासनिक की अध्यक्षता में नियुक्त समिति द्वारा की गई जांच में आरोपी अधिकारी संतोषजनक उत्तर भी नहीं दे पाए. इसके बाद प्रदेश ने मामले के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाई की है.

जांच में पाया गया कि चारे एवं गोवंश के रखरखाव के नाम पर शासकीय धनराशि का दुरुपयोग करने के लिए जानबूझकर गोवंश की संख्या अधिक दर्शायी गई थी. जो वित्तीय अनियमितता का भी प्रकरण है. मामले में निलंबित किए गए अधिकारियों में गो-सदन मधवलिया के अध्यक्ष एवं जनपद महाराजगंज के जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय, गो-सदन के नामित सदस्य एवं तत्कालीन उप जिलाधिकारी निचलौल देवेन्द्र कुमार एवं वर्तमान उप जिलाधिकारी सत्यम मिश्रा, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, महाराजगंज डॉ. राजीव उपाध्याय तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी निचलौल डा. वीके मौर्य शामिल हैं.


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