जानें क्या है कार्डियक वस्कुलर डिसीज के लक्षण और इससे बचने के उपाय….

आज के दौर में लोगों को हार्ट अटैक जैसी बीमारी होना आम बात हो गई है। दिल की बीमारी किसी समय में बूढ़ापे में होने वाले रोग के नाम से जानी जाती थी, लेकिन अब यह बीमारी मानों जीवन का हिस्सा बन चुकी है। हमारे देश में दिल की बीमारियों के आंकड़े पहले के मुताबिक दोगुने हो चुके है। दिल की बीमारी काफी गंभीर है और यह कई रूप ले सकती है। खासतौर से युवाओं में मृत्यु का पहला कारण हार्ट अटैक या स्ट्रोक है। आपको बता दें कि दिल कि बीमारी काफी गंभीर होती है, डॉक्टरों की भाषा में हर्ट अटैक को कार्डियक वस्कुलर डिसीज कहा जाता है।

दिल की बीमारी फैलने का खास कारण लोग अपने व्यस्थ जीवनशैली में संतुलित आहारों का ठीक तरह से नहीं कर पाते और मशीनीकरण के दौर में लोगों ने शारीरिक श्रम करना कम कर दिया है। जिसकी वजह से दिल के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पहले दिल के रोग की चपेट में सिर्फ 40 वर्ष की आयु वाले लोग ही होते थे। पर आजकल के नौजवान भी इस बीमारी की चपेट में आ चुके है अब 20-25 साल के युवाओं में भी हर्ट अटैक के कई मामले देखे गए है। इस रोग से बचाव के लिए हर उम्र के लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बहुत जरुरी है किसी भी व्यक्ति का स्वास्थ्य ठीक होगा, तभी वह खुशमय जीवन जी सकता है।

अगर आप अपने स्वस्थ में ध्यान देते हुए अपनी जीवनशैली में बदलाव लायेंगे तो हर्ट अटैक की संभावना काफी हद तक कम हो सकती है। अगर आप अपने स्वस्थ को प्रति लापरवाही दिखायेंगे तो वो परेशानी का कारण बन सकती है और आप बीमारी की चपेट में आ सकते है। खून का थक्का जमना, दिल की धड़कन का बहुत तेजी से चलना, हाई ब्लड प्रेशर का होना और धमनियों में ऐंठन की वजह से दिल का यह खतरनाक रोग अस्तित्व में आता है। इस भयंकर रोग से बचने के लिए प्रतिदिन व्यायाम करे जिससे की आपका कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहेगा। आपको बता दें कि कोलेस्ट्रॉल की जाँच समय समय पर करवाए।

अनियमित दिनचर्या में अकसर लोग ठीक तरह से खान पान का नियमित रूप से सेवन नहीं कर पाते। संतुलित आहार दिल के रोगों से बचाव के लिए जरुरी है। हरी पत्तेदार सब्जियां और अनाज का सेवन गदिल की सेहत के लिए जरुरी है। किसी भी प्रकार की टेंशन अथवा डिप्रेशन दिल के लिए खतरनाक हो सकता है इसलिए तनावमुक्त रहने की कोशिश करें। दिल के रोगी स्मोकिंग और अलकोहल का सेवन जहां तक हो सके कम से कम करें या न ही करें। इससे आपके दिल को काफी नुकसान पहुंचा सकता है इस तरह से सुझाव को अपनी जीवनशैली में अपनाकर इस जानलेवा बीमारी को खुद से दूर रख सकते है। अगर आप स्वास्थ्य प्रति जागरूक होंगे, तभी देश व समाज को बेहतर रख सकते हैं।

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