Breaking News:

भारत सहित पूरी दुनिया चीन से निकले Coronavirus की चपेट में.. चीन में अब तक हो चुकी हैं 41 मौतें..


चीन में महामारी की तरह फैले Coronavirus की चपेट में अब दुनिया आने लगी है. Coronavirus अब सिर्फ चीन तक ही सीमित नहीं रहा है बल्कि भारत, थाईलैंड, अमेरिका, ताईवान, जापान, वियतनाम, सिंगापुर के बाद अब Coronavirus ने यूरोप में भी दस्तक दे दी है. भारत में Coronavirus के कई मामले सामने आ चुके हैं तो वहीं फ्रांस में करॉना वायरस से पीड़ित तीन मामलों की पुष्टि हुई है. बता दें कि चीन में इस वायरस की वजह से अब तक 41 लोगों की जान जा चुकी है और करीब 1300 मरीज इससे संक्रमित हैं.

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने शनिवार को घोषणा की कि 1,287 पुष्ट मामलों में से शुक्रवार रात तक 237 लोगों की हालत गंभीर बताई गई थी. उसने बताया कि निमोनिया जैसे इस वायरस के चलते 41 मौतें हो चुकी हैं जिनमें चीन के मध्य हुबेई प्रांत में ही अकेले 39 मौतें हुई हैं और एक मौत उत्तरपूर्वी प्रांत हीलोंगजियांग में हुई है. आयोग ने बताया कि कुल 1,965 संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट है. यह वायरस बृहस्पतिवार तक हांगकांग, मकाऊ, ताइवान, नेपाल, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड, वियतनाम और अमेरिका तक फैल गया. जापान ने शुक्रवार को वायरस के दूसरे मामले की पुष्टि की.

भारत के लिए चिंता पैदा हो गई है क्योंकि 700 भारतीय छात्र वुहान और हुबेई प्रांत के विश्वविद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं तथा अब भी वहां फंसे हुए हैं. भारतीय दूतावास ने उनसे करीबी संपर्क बनाने के लिए हॉटलाइन्स स्थापित की हैं. वहीं वायरस को लेकर फ्रांस की स्वास्थ्य मंत्री एग्नेस बुजिन ने बताया कि पहला मामला साउथवेस्टर्न सिटी में पाया गया, वहीं दूसरा केस पेरिस में मिला। करॉना वायरस से संक्रमित तीसरा शख्स पीड़ितों का एक रिश्तेदार है. उन्होंने कहा कि ये तीनों चीन से लौटे हैं और उन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.

एग्नेस ने कहा कि यूरोप में पहली बार करॉना वायरस के ये मामले सामने आए हैं. हम जानते हैं कि जब इन मरीजों ने फ्रांस की धरती पर कदम रखे तो जरूर कई लोगों से मिले होंगे. हमलोग उनसे संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं. एग्नेस ने बताया कि आग की तरह ही संक्रामक बीमारी का जल्द इलाज करना पड़ता है और जितना जल्द हो उसका स्रोत ढूंढना जरूरी है. मरीजों का इलाज जारी है और हमलोग करॉना का सटीक इलाज अवश्य ढूंग लेंगे. पहला मरीज 22 जनवरी को चीन के वुहान से लौटा है. चीन का यह इलाका करॉना से सबसे ज्यादा प्रभावित है.

इधर, करॉना वायरस के खौफ को देखते हुए भारत में भी सैकड़ों लोगों की जांच के बाद 12 लोगों को अस्पतालों में भर्ती किया गया है. इनमें से सबसे ज्यादा 7 मरीज केरल में हैं. 3 मुंबई और हैदराबाद, बेंगलुरु में 1-1 मरीज हैं. ये लोग हाल ही में चीन और हॉन्ग कॉन्ग से लौटे हैं. इसके अलावा 100 से अधिक लोगों पर उनके घर में ही नजर रखी जा रही है. बता दें कि करॉना वायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह है, जो सामान्य जुकाम से लेकर श्वास तंत्र की गंभीर समस्या तक पैदा कर सकता है. करॉना वायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति में बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, हांफना जैसे लक्षण नजर आते हैं. करॉना वायरस का कोई विशेष इलाज नहीं ढूंढा जा सका है.

बता दें कि चीन में करॉना वायरस से फैले इन्फेक्शन के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है. हुबेई प्रांत के हुआगांग, एझाओ, चीबी, शिआताओ, झिजियांग, छिनजिआंग, लिचुआन और वुहान समेत 13 शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोक दिया गया है. इससे करीब 4 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने-जाने पर रोक लग गई है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि देश के 20 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों में कुल 1072 संदिग्ध मामले सामने आए हैं.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share