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अब विमान में की गैरकानूनी हरकत तो चुकानी पड़ेगी भारी कीमत. मोदी सरकार ने 10 गुना ज्यादा बढ़ाया जुर्माना


लापरवाही या प्लेन में हंगामा होने पर लगेगा जुर्माना, अब नहीं चलेगी कोई भी बदतमीज़ी : मोदी सरकार.. एयरक्राफ्ट ऑपरेशन में लापरवाही पर अधिकतम जुर्माने की सीमा पहले 10 लाख रुपए थी.  लोकसभा में पेश हुआ है एयरक्राफ्ट संशोधन बिल
अगर आप एयरपोर्ट या फ्लाईट के भीतर हुडदंग मचाने के फिराक में रहते हैं तो सावधान हो जाइए। कैबिनेट ने बुधवार को कई अहम फैसले लिए। एयरक्राफ्ट बिल को मंजूरी दी गई। विमान में हंगामा करने वालों की शामत आने वाली है। सरकार ऐसी हरकतों को रोकने के लिए कड़ा कानून ला रही है।

इसके तहत एयर सेक्टर का रेग्युलेशन ओर मजबूत होगा। नियमों के उल्लंघनों के मामले में जुर्माने की अधिकतम सीमा को वर्तमान 10 लाख रूपये से बढ़कर एक करोड़ रूपये कर दिया गया है। नए संशोधित बिल को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इस बिल को संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया। यह बिल केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय एविएशन क्षेत्र में मजबूती ला सकता है। बिल पास होने के बाद अगर कोई फ्लाइट के भीतर बम की अफवाह, एयर होस्टेस के साथ बदतमीजी या प्लेन को हाइजैक करने की कोशिश करता है तो उस पर भारी जुर्माना होगा।

सरकार अब ऐसे किसी भी छोटे-बड़े अपराध के लिए आपके उपर इतना जुर्माना लगा सकती है कि उसे चुकाने में नानी याद आ जाए। इस नए विधेयक के तहत अगर किसी व्यक्ति या संस्थान ने सिविल एविएशन एक्ट का उल्लंघन किया तो 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

मामले के जानकारों का कहना है कि पहली बार सिविल एविएशन मंत्रालय को देश हित में किसी भी कमर्शियल एयरक्राफ्ट की जांच का अधिकार दिया जा रहा है। । नए एक्ट के तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय मौजूदा डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन, ब्यूरो और सिविल एविएशन सिक्योरिटी और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टिगेशन ब्यूरो के किसी भी आदेश की समीक्षा कर सकता है।

पहले 10 लाख रुपये तक था जुर्माना. एयरक्राफ्ट ऑपरेशन में लापरवाही के मामलों में अब 1 करोड़ रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकेगा। पहले इसकी अधिकतम सीमा 10 लाख रुपए थी। जानकारों का मानना है कि अगर नया एयरक्राफ्ट संशोधन बिल- 2020 संसद से पास हो जाता है तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय एयरलाइंस के नियमों की अनदेखी करने पर बड़ी कार्रवाई कर सकता है। बता दें कि केंद्र सरकार अपने सिविल एविएशन नियमों को कड़े करने की नीति के तहत नए नियमों को मौजूदा कानून में जोड़ रही है।


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