श्रीराम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ़ होने के बाद योगी सरकार का बड़ा कदम.. अब बदला जाएगा “आगरा” का नाम.. नया नाम आया सामने


अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के पक्ष में माननीय सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद योगी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है. इस कदम के बाद जहाँ कथित सेक्यूलर वर्ग की नाक-भौंह सिकुड़ने की संभावना है तो वहीं प्रखर राष्ट्रवादी वर्ग इसके समर्थन में है. जानकारी मिल रही है कि उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर आगरा का नाम बदलने की तैयारी की जा रही है. योगी सरकार आगरा का नाम बदलने की प्रक्रिया में जुट गई है. आगरा का नया नाम क्या हो सकता है, ये भी सामने आ गया है.

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक़, आगरा का नाम बदलकर “अग्रवन” किया जाएगा. शासन ने आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से इस संदर्भ के प्रस्ताव पर साक्ष्य मांगे हैं. शासन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से पूंछा है कि आगरा का नाम अग्रवन क्यों किया जाए? साक्ष्यों को लेकर विश्वविद्यालय का इतिहास विभाग मंथन कर रहा है. अंगिरा, अरगलपुर, उग्रसेनपुर, अकबराबाद, अग्रवन या फिर आगरा. ताजनगरी के प्राचीन इतिहास को खोजने की कवायद शुरू हो गई है.

आगरा का नाम कब, किसने और कैसे अग्रवन के रूप में प्रयोग किया? साक्ष्य जुटाए जाने की प्रक्रिया और शोध कार्य किए जा रहे हैं. डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को इस संबंध में जिम्मेदारी दी गई है. साक्ष्य जुटा लेने के बाद शासन को रिपोर्ट देनी होगी. विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के प्रमुख प्रो. सुगम आनंद के अनुसार, शासन के पत्र के आधार पर कार्य शुरू कर दिया गया है. प्रमाण खोज जा रहे हैं कि कोई तथ्य या साक्ष्य उपलब्ध हो जाए. शोध किया जा रहा है कि इस संबंध में इतिहास को समझा जा सके. यदि कहीं पर अग्रवन का जिक्र भी है तो उसे भी स्थापित किया जा रहा है, क्योंकि आगरा के नाम को लेकर विभिन्न मत हैं. लेकिन हम प्रमाण या फिर अभिलेख पर शोध कर रहे हैं.

जानकारी के मुताबिक़, डा. बीआरए विश्वविद्यालय इतिहास विभाग में आगरा के अग्रवन नाम को लेकर बैठक आयोजित की गई. आगरा का प्राचीन नाम अग्रवन था या नहीं, इस पर मंथन हुआ. विद्वानों ने कहा कि आगरा गजेटियर में अग्रवन का उल्लेख मिलता है. कहा जाता है कि महाभारत के समय पूर्व आगरा को अग्रवन या अग्रबाण कहा जाता था. आगरा का संबंध ऋषि अंगिरा से भी है, जो 1000 ईसा पूर्व हुए थे. अंगिरा से आगरा हो गया. तौलमी पहला व्यक्ति था, जिसने इसे आगरा कहकर संबोधित किया.  उम्मीद जताई जा रही है कि जिस तरह से इलाहबाद का नाम प्रयागराज किया गया, वैसे ही जल्द ही आगरा का नाम भी अग्रवन कर दिया जाएगा.


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