राष्ट्रीय प्रेस की दिशा, दशा व् सोच को बदलने का हमें गर्व है, जिस रास्ते पर हम 15 साल से चल रहे हैं उस पर आज अन्य मीडिया चलने को आतुर है.. – सुरेश चव्हाणके


ईश्वर को साक्षी मान कर व् अपने पूर्वजो से प्रेरणा ले कर आज से लगभग 15 वर्ष पहले नकली सेकुलरिज्म की बाढ़ में बह रही धरा के खिलाफ हमने जो महाभियान छेड़ा था उसके अनगिनत साक्षी अभी भी जीवंत है.. हमने कभी यश अपयश हानि या लाभ की चिंता नहीं की , हमने केवल राष्ट्र सर्वप्रथम का सिद्धान्त आत्मसात किया . हमारे ऊपर उस समय से अब तक साम्प्रदायिक और न जाने कितने आरोप लगे लेकिन हमने अपने स्टैंड को एक बार भी नहीं बदला और आज उसका अनुसरण करने वाले तमाम उसी राह पर हैं .

राष्ट्रीय पत्रकारिता दिवस पर आज मैं आप सभी देशवासियों को एक पत्रकार होने के नाते शुभकामना देता हूँ क्योकि आप सभी के स्नेह और प्रेम के साथ सहयोग के चलते ही हम उन नामी संस्थानों से कई बार अपनी व् सत्य, न्याय व् नीति की आवाज ऊंची कर पाए और कई बार विरोधो के सागर में हमने तल में जा कर मोती निकाला.. जाकिर जैसे दरिंदो को जब बाकी जगहों पर धर्मगुरु बोला जाता था तब हमने उसको आतंकी बताया और आख़िरकार शुरुआती विरोधो के बाद हम सफल रहे..

राष्ट्रीय प्रेस दिवस पर आम जनमानस से भी अपेक्षा है कि वो जितना अंकुश अफवाह वाली खबरों पर लगाने के लिए जागरूक हों उतना ही अंकुश एकतरफा एक ही धर्म को लक्षित कर के चलने वाली खबरों पर लगायें. हिन्दू साधू संतो को अपमानित कर के फर्जी आरोपों से खुद को TRP की अंधी दौड़ में शामिल करने वालों को तिरस्कृत करने के लिए आप सभी जागरूक हों ऐसी एक राष्ट्रवादी चैनल के राष्ट्रवादी व् धर्मरक्षक भावना रखने वाले प्रधान सम्पादक की आप सभी से अपेक्षा है..

आपका –

सुरेश चव्हाणके

 


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share