महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सियासी घमासान.. शरद पवार के बयान से सन्न हुई शिवसेना


महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर चल रहा सियासी घमासान थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है. अभी तक ये तय नजर आ रहा था कि शरद पवार की पार्टी एनसीपी तथा कांग्रेस के साथ मिलकर शिवसेना सरकार बनायेगी. यहाँ तक कि तीनों दलों के बीच सत्ता के बंटवारे का फ़ॉर्मूला भी सामने आया था. लेकिन अब एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर बड़ा बयान दिया है. शरद पवार के इस बयान ने सियासी सस्पेंस बढ़ा दिया है तो वहीं शिवसेना सन्न रह गई है.

आपको बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर खींचतान के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार सोमवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने पहुंचे हैं. इस मुलाकात से पहले मीडिया से बात करते हुए शरद पवार ने जो कहा है उससे सियासत गरमा गई है. एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि शिवसेना और बीजेपी साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी. अब शिवसेना और बीजेपी को अपना रास्ता तय करना है.

एनसीपी चीफ शरद पवार से जब यह पूछा गया कि शिवसेना के साथ सरकार बनने के क्या चांस हैं तो उन्होंने कहा, ‘बीजेपी और शिवसेना से पूछो, दोनों साथ थे.’ एनसीपी चीफ ने कहा कि शिवसेना और बीजेपी एक साथ लड़ी थीं. हम उनसे अलग लड़े थे. एनसीपी और कांग्रेस साथ मिलकर लड़ी थीं. जब उनसे यह पूछा गया कि चर्चा तो यह है कि एनसीपी शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बना रही है तो उन्होंने इसके जवाब में सिर्फ ‘अच्छा’ कहकर टाल दिया. पवार ने यही कहा कि सरकार गठन के बारे में बीजेपी तथा शिवसेना से पूंछा जाना चाहिए.

पवार ने इस बात की पुष्टि की कि आज वह कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने जा रहे हैं. हालांकि, उन्होंने मुलाकात का समय नहीं बताया. सरकार गठन से जुड़े सवालों को वह न सिर्फ टालते रहे, बल्कि सोनिया गांधी से अपनी होने वाली मुलाकात को शिष्टाचार भेंट करार दिया. जाहिर है कि कांग्रेस अध्यक्ष के साथ चर्चा से पहले एनसीपी सुप्रीमो पत्ता नहीं खोलना चाहते. पवार के इस रुख के बाद जहाँ महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सस्पेंस गहरा गया तो वहीं शिवसेना चौंक गई है.


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