कौन-कौन शामिल थे कमलेश तिवारी के क़त्ल में.. एक नए नाम की आहट जिसने भारत में पहले भी किया है नरसंहार


हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे ये मामला नए मोड़ लेता हुआ नजर आ रहा है. जिस तरह से कमलेश तिवारी की हत्या की गई तथा इसके बाद जो-जो लोग इसमें गिरफ्तार हुए, उन्होंने पुलिस पूंछताछ में जो बातें बताई हैं, उससे ये तो साफ़ दिखाई दिया है कि कमलेश तिवारी की ह्त्या कोई साधारण ह्त्या नहीं थी बल्कि ये मजहबी ह्त्या थी, जिसे जिहाद के नाम बेहद ही सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया था.

अब कमलेश तिवारी हत्याकांड में उस नाम की संलिप्तता सामने आ रही है, जो भारत में पहले भी ही बार नरसंहार किया है. खबर के मुताबिक़, कमलेश तिवारी हत्याकांड में जांच एजेंसियों के रडार पर एक ख़ास कोड वर्ड आया है जोकि दुर्दांत इस्लामिक आतंकी दाऊद इब्राहिम की ‘डी कंपनी से जुड़ा हुआ माना जा रहा है. सूत्रों की माने तो कमलेश तिवारी हत्याकांड की जांच में जुटी एजेंसियां इसे लेकर जल्द ही कोई बड़ा खुलासा कर सकती हैं.

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़, जांच एजेंसियों ने कुछ फोन कॉल इंटरस्पेक्ट किये हैं जिसमें प्रमोद नाम सामने आया है. माना जा रहा है कि प्रमोद नाम का शख्स असल में मुस्लिम समुदाय का है जो जांच एजेंसियों से बचने के लिए प्रमोद नाम का इस्तेमाल कर रहा है. ऐसी भी जानकारी है कि प्रमोद नाम का यह मुल्सिम शख्स देश के बाहर मौजूद है. इस मामले में अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक प्रमोद, मिडिल ईस्ट कंट्री में होने की आशंका जताई जा रही है.

मिडिल ईस्ट में बैठे इस प्रमोद नाम के इस मुस्लिम शख्स ने कमलेश तिवारी की हत्या के बाद फोन किया था और कहा कि कमलेश तिवारी की हत्या अंडरवर्ल्ड ने करवाई है. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे D कंपनी के लोगों को आईएसआई ने भारत में कुछ बड़ा करने का दबाव बनाया हुआ है, जिसमें ऐसे नेताओं का कत्ल करवाना जिससे माहौल बिगड़े और दंगा भड़के. जांच एजेंसियों का दावा है कि वो जल्द ही प्रमोद नाम के कोड को डिकोड कर लेंगे और शख्स का असली नाम पता लगा लेंगे.


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