जिन राजीव धवन ने कोर्ट में बाबरी के समर्थन में फाड़ दिया था श्रीरामजन्मभूमि का नक्शा, उनके साथ मुस्लिम पक्ष ने किया ये सलूक


अयोध्या श्रीराम मंदिर मामले में मुस्लिम पक्ष के वकील रहे राजीव धवन.. वो राजीव धवन जो अयोध्या में श्रीराम मंदिर नहीं बल्कि बाबरी मस्जिद की पैरोकारी कर रहे थे. वो राजीव धवन जिन्होंने अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि पर बाबरी के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में जिरह के दौरान श्रीरामजन्मभूमि का नक्शा तक फाड़ दिया तथा सरेआम हिन्दू आस्थाओं को कुचला था. राजीव धवन ने सोचा था कि इसके बदले मुलिस्म पक्ष से उन्हें इनाम मिलेगा लेकिन जो हुआ है, इसका अंदाजा उन्हें बिल्कुल भी नहीं था.

खबर के मुताबिक़, अयोध्या राम जन्मभूमि विवाद में मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन को केस से हटा दिया गया है. बता दें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सोमवार को अयोध्या मामले पर दिए फैसले के खिलाफ पुनर्विचार याचिका दायर की है, जिसमें अब राजीव धवन वकील नहीं होंगे.  इसकी जानकारी खुद राजीव धवन ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से दी है. राजीव धवन ने कहा है कि मुझे अयोध्या मामले के केस से हटा दिया गया है.

राजीव धवन ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि मुझे ये बताया गया कि मुझे केस से हटा दिया गया है, क्योंकि मेरी तबियत ठीक नहीं है. ये बिल्कुल बकवास बात है. जमीयत को ये हक है कि वो मुझे केस से हटा सकते हैं लेकिन जो वजह दी गई है वह गलत है. राजीव धवन ने कहा कि बाबरी केस के वकील (एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड) एजाज मकबूल ने मुझे बर्खास्त कर दिया है जो जमीयत का मुकदमा देख रहे हैं. बिना किसी डिमोर के मुझे बर्खास्तगी का पत्र भेजा गया है.

बता दें कि मुस्लिम पक्ष की तरफ से जमीयत ने पहली पुनर्विचार याचिका दायर की गई है. जमीयत की याचिका में कहा गया है कि विवादित स्थल को हिंदुओं को देना एक मायने में बाबरी मस्जिद को तोड़ने का ‘इनाम’ है. याचिका में मांग की गई है कि संविधान पीठ के आदेश पर रोक लगाई जाए, जिसमें कोर्ट ने विवादित जमीन को राम मंदिर के पक्ष दिया था. याचिका में ये भी मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को आदेश दे कि मंदिर बनाने को लेकर ट्रस्ट का निर्माण न करे. याचिका में मांग की गई है कि पूर्ण न्याय के लिए बाबरी मस्जिद का पुनर्निर्माण हो.


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