सबसे ऊंचा अपना सरदार: इस मामले में स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को भी पीछे छोड़ दिया स्टेच्यू ऑफ यूनिटी


ये ताकत है उस बदले हुए भारत की, ये धमक है उस न्यू इंडिया की जिसे स्वीकार करना देश के कथित बुद्धिजीवियों तथा कलमकारों के लिए मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन होता जा रहा है. हो भी क्यों न? आखिर ये वही तो लोग हैं जो इतिहास में चुनिन्दा तथा अपने मनमाफिक लोगों की कहानियां गढ़ते रहे हैं. लेकिन अब न्यू इंडिया में ऐसा नहीं हो रहा है बल्कि न्यू इंडिया में भारत के उन वास्तविक नायकों को जगह मिल रही है, उनका सम्मान हो रहा है जिन्होंने निर्विवाद रूप से अपना जीवन भारतमाता को समर्पित कर दिया था.

इसका सबसे बड़ा उदाहरण है देश के प्रथम गृहमंत्री/उपप्रधानमंत्री लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल का स्मारक “स्टेच्यू ऑफ यूनिटी”. स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को बने हुए अभी 1 साल ही हुआ है लेकिन 1 साल के अंदर स्टेच्यू ऑफ यूनिटी ने अमेरिका के स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को एक मामले में पीछे छोड़ दिया है. जानकारी के मुताबिक़, अनावरण के सालभर बाद ही स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को रोजाना देखने आने वाले पर्यटकों की संख्या अमेरिका के 133 साल पुराने स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी के पर्यटकों से ज्यादा हो गई है. गुजरात स्थित इस स्मारक को देखने औसतन 15000 से अधिक पर्यटक रोज पहुंच रहे हैं.

सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने एक बयान में कहा है कि पहली नवंबर, 2018 से 31 अक्टूबर, 2019 तक पहले साल में रोजाना आने वाले पर्यटकों की संख्या में औसतन 74 फीसदी वृद्धि हुई है और अब दूसरे साल के पहले महीने में पर्यटकों की संख्या औसतन 15036 पर्यटक प्रतिदिन हो गयी है. बयान में कहा गया है सप्ताहांत के दिनों में यह 22,430 हो गयी है. बता दें कि अमेरिका के न्यूयार्क में स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी को देखने रोजाना 10000 पर्यटक पहुंचते हैं

ज्ञात हो कि स्टेच्यू ऑफ यूनिटी देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा है. यह दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है. यह प्रतिमा गुजरात में केवड़िया कॉलोनी में नर्मदा नदी पर सरदार सरोवर बांध के समीप है. प्रख्यात भारतीय मूर्तिकार राम वी सुतार ने इसका डिजायन तैयार किया था. पहली बार वर्ष 2010 में इस परियोजना की घोषणा की गयी थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर, 2018 को उसका अनावरण किया था.

सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने इस स्मारक के पर्यटकों की संख्या में वृद्धि का श्रेय जंगल सफारी, बच्चों के न्यूट्रीशन पार्क, कैक्टस गार्डन, बटरफ्लाई गार्डन, एकता नर्सरी, नदी राफ्टिंग, बोटिंग आदि जेसे नये पर्यटक आकर्षणों को दिया है. उसने कहा कि इन अतिरिक्त पर्यटक आकर्षणों से नवंबर, 2019 में पर्यटकों की रोजाना संख्या में उछाल आया. उसने यह भी कहा कि इस साल 30 नवंबर तक केवडिया में 30,90,723 पर्यटक पहुंचे और 85.57 करोड़ रूपये का राजस्व मिला, जो स्टेच्यू ऑफ़ लिबर्टी से काफी ज्यादा हैं.


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