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आतंकियों का मददगार ओवैसी भी गोडसे को बता रहा आतंकी.. साध्वी के खिलाफ वो भी खड़े जो “भगवा” को बताते थे आतंक


जिस प्रकार से साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ गोडसे के मामले को ले कर विपक्ष ने शोर मचाया हुआ है उस पर साध्वी प्रज्ञा ने अपनी तरफ से सफाई दे कर मामले को खत्म करने की कोशिश की . साध्वी प्रज्ञा ने साफ़ तौर पर कहा की उन्होंने वीर बलिदानी ऊधम सिंह के सम्मान के लिए आवाज उठाई लेकिन विपक्ष का शोर ज्यों का त्यों है और हालात यहाँ तक बिगड़े थे की खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सफाई के बाद भी विपक्ष ज्यों का त्यों अपनी जिद पर अड़ा हुआ दिखाई दे रहा है..

ध्यान देने योग्य है की कल से गोडसे आतंकी जैसे ट्रेंड ट्विटर पर दिखाई दे रहे हैं.. इसी के साथ साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ भी हल्ला बोल मचा हुआ है.. भारतीय जनता पार्टी ने दंड स्वरूप साध्वी प्रज्ञा को एक महत्वपूर्ण समिति से अलग भी कर दिया है लेकिन उसके बाद भी शोर थमने का नाम नहीं ले रहा है.. सबसे ख़ास बात ये है की इस शोर को मचाने वालों में हैदराबाद का वो सांसद ओवैसी भी शमिल है जो आतंकियों की खुली पैरवी के लिए देश ही नही बल्कि दुनिया भर में जाना जाता है..

यहाँ तक कि ओवैसी ने तो साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ विशेषाधिकार से प्रस्ताव भी लाने का एलान कर दिया.. कल तक यही ओवैसी अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट तक को कटघरे में खड़ा करने के लिए तमाम जहरीले बयान दे रहा था.. सुप्रीम कोर्ट तक का सम्मान न करने वाला ओवैसी अचानक ही संसद और गांधी का इतना सम्मान कैसे करना शुरू कर दिया है ये निश्चित तौर पर विचार का विषय हो सकता है.. इसी के साथ साध्वी प्रज्ञा को राहुल गांधी ने तो आतंकी तक कह डाला..

राहुल गांधी उसी पार्टी के मुखिया रह चुके हैं जिस पार्टी ने कभी खुले शब्दों में भगवा आतंकवाद और हिन्दू आतंकवाद जैसे शब्द कहे थे.. यद्दपि अभी तक कांग्रेस ने उन शब्दों के लिए माफ़ी नहीं मांगी है.. साध्वी प्रज्ञा की निंदा करने में अबू आज़मी जैसे लोग भी शामिल हैं जो कभी खुद पुलिस के रडार पर हुआ करते थे.. फिलहाल जिस प्रकार से इस मामले को तूल दिया जा रहा है उस पर जनता की पूरी नजर है और निश्चित तौर पर वो वही जनादेश देगी जो उसको उचित लगेगा..


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