फतवा कहीं और से, हत्यारे कहीं और के, मिठाई कहीं और से, इशारा कहीं और से, मुखबिरी कहीं और से, और पिस्टल कहीं से.. कमलेश के खिलाफ कोने – कोने पर साजिश


कमलेश तिवारी के खिलाफ साजिशो का जो ताना बाना बुना गया था उसका रूप और दायरा इतना व्यापक होगा ये कईयों के समझ के बाहर की बात है.. अपराध और आतंक का इस प्रकार से सामूहिक गठजोड़ इस मामले में हुआ था जिसका अंत कमलेश तिवारी की हत्या और उसके बाद पूरे देश में उठे जनाक्रोश के साथ ही हुआ. उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में गुजरात और बाकी देश की अन्य प्रादेशिक पुलिस से मिल कर जिस प्रकार से इसकी जड खोद कर रख दी उसके बाद बेनकाब हुए हैं कई चेहरे..

विदित हो की कमलेश तिवारी की हत्या में एक और गिरफ्तारी ने इस मामले को एक बार फिर से लोगों के जेहन में ताजा कर दिया है.. इस बार जो गिरफ्तारी की गई है उसका नाम युसूफ है और वो उत्तर प्रदेश के ही फतेहपुर का रहने वाला है.. हत्या करने वाले अशफाक और मोईनुद्दीन नाम के आतंक हत्यारों को पिस्टल इसी ने उपलब्ध करवाई थी और यही पिस्टल बाद में पुलिस ने बरामद भी की थी.. इस मामले में हत्यारों की गिरफ्तारी ने बाक़ी कई कड़ियों को अपने आप खोल कर रख दिया है..

यह गिरफ्तारी उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकवाद रोधी टीम ATS ने की है जो कमलेश तिवारी मामले के बाद बेहद सतर्कता रखते हुए अपराधियो और उसमे संलिप्त गुनाहगारो के लिए दिन रात एक किये हुए हैं.. फिलहाल इस मामले में न सिर्फ कमलेश तिवारी के परिवार वाले बल्कि बाकी अन्य हिन्दू संगठन सामूहिक रूप से हत्यारों को जल्द से जल्द मृत्युदंड देने की मांग कर रहे हैं.. अभी इस मामले में और भी अन्य गिरफ्तारियां की जा सकती हैं ..


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