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“भारतमाता की जय” जैसे पवित्र शब्द को विवादित बनाने वालों को पहली बार मोदी ने दिया ये शानदार जवाब

भारतमाता की जय जैसे पूज्य तथा पवित्र शब्द को विवादित बनाने वालों तथा नागरिकता संशोधन विधेयक की आड़ में राजनैतिक अराजकता फैलाने की कोशिश करने वालों प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी ने करारा जवाब दिया है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी को जरूरी बताते हुए कांग्रेस और विपक्षी दलों पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया. असम में चांग्सारी के अमीनगांव में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें भारत के संसाधनों पर कब्जा करने के इरादे से घुसने वाले और अत्याचार के कारण अपना घर बार छोडऩे पर मजबूर लोगों का फर्क समझना होगा तथा जो भारतमाता की जय बोलते हैं उन्हें भारत  की नागरिकता देंगे.

पीएम मोदी ने कहा कि नागरिकता बिल सिर्फ असम और नॉर्थ ईस्ट के लिए नहीं है बल्कि देश के अनेक हिस्सों में मां भारती पर आस्था रखने वाले, भारत माता की जय बोलने वाली ऐसी संतानों के लिए हैं जिनको अपनी जान बचाकर मां भारती की गोद में आना पड़ा. चाहे वे पाकिस्तान से आएं हों या अफगास्तिान से। 1947 से पहले वे भी भारत का हिस्सा थे, आस्था के आधार पर देश का विभाजन हुआ तो उन देशों के अल्पसंख्यक, हिंदू, जैन, सिख, पारसी, ईसाई ऐसे लोग वहां रह गए थे. उनके साथ जो हुआ, उनसे मिलोगे तो पता चलेगा. उनको संरक्षण देना हिंदुस्तान का कर्तव्य है. मैं पूर्वोत्तर के लोगों को भरोसा देता हूं कि इससे असम और उत्तर पूर्व के लोगों को कोई क्षति नहीं होने दूंगा. आवश्यक जांच पड़ताल और राज्य सरकार की सिफारिश के बाद ही नागरिकता प्रदान करने का निर्णय लिया जा सकता है. बिना जांच और राज्य की सिफारिश के नागरिकता देने का सवाल ही नहीं है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत सरकार नागरिकता बिल के अलावा असम समझौते में निहित 6 समुदायों को जनजाति का दर्जा देने पर काम भी कर रही है. इसके लिए राज्यसभा में बिल लाने का काम भी हमारी सरकार ने किया है. जिस तरह उनकी सरकार ने एससी, एसटी और पिछड़ा वर्ग को नुकसान किए बिना सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण दिया है उसी तरह नागरिकता बिल पर भी काम करेगा. दलदल में डूबे हुए दल व महामिलावटी दल, भ्रम फैलाने में जुटे हैं, उन्होंने 36 साल तक असम समझौते को लागू करने में ईमानदारी नहीं दिखाई. 36 साल हो गए हैं, कहां सो गए थे, कहां खो गए थे. जो लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए उनके साथ खड़े हैं उनका भी खुलासा करना चाहिए. इसलिए आपसे कहने आया हूं कि 36 साल पुरानी आपकी मांग मोदी सरकार पूरी करेगी.

पीएम मोदी ने कहा कि एनआरसी को अमल में लाने से पुरानी सरकारें बच रही थी. उसमें हमने काम किया. तय समय पर प्रक्रिया पूरी होगी. मैं आप सभी से कहने आया हूं. नागरिकता से जुड़े कानून पर बहुत बड़ा भ्रम फैलाया जा रहा है. ऐसे लोगों को असम का मिजाज देखने की जरूरत है. असम और पूर्वोत्तर के राज्यों की भाषा और हक की रक्षा करने के लिए भाजपा सरकार प्रतिबद्ध है. असम समझौते के क्लॉज 6 को जल्द लागू किया जाएगा. इसके लिए हमारी सरकार द्वारा एक कमेटी भी बनाई जा चुकी है. यकीन है कि यह कमेटी अपाकी भावनाओं और हितों व आशाओं का पूरा खयाल करते हुए रिपोर्ट करेगी.

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