जनसंख्या बढ़ी तो अपराध की संख्या भी.. ये आंकड़े पुलिस के हैं जो प्रमाणित कर रहे सुरेश चव्हाणके जी द्वारा बताई गए बढ़ती आबादी के कुप्रभावों को


देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून की मांग लगातार तेज होती जा रही है. सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक तथा राष्ट्र निर्माण संस्था के प्रमुख सुरेश चव्हाणके जी लंबे समय से जनसख्या नियंत्रण क़ानून की न सिर्फ मांग कर रहे हैं बल्कि देश में घूम घूम कर बेतहाशा बढ़ती आबादी के खतरों के प्रति भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं. अब सुरेश चव्हाणके जी की इसी चिंता को अपनी आवाज दी है उत्तर प्रदेश पुलिस ने, जिसने स्वीकार किया है बढ़ती आबादी के अपराध भी बढ़ रहे हैं.

उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक लोग रहते हैं और इस वजह से अपराध के आंकड़े स्वाभाविक रूप से अन्य राज्यों की तुलना में अधिक होंगे. हमने अपराध की जांच के लिए कई उपाय किए हैं. ब्लाइंड स्पॉट को खोजने के लिए हमारी आपातकालीन हेल्पलाइन पर कड़ी निगरानी रखी जाती है और अगर कोई भी पुलिस अधिकारी सही से काम करते हुए नहीं पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाती है.

उन्होंने कहा कि हम आम आदमी और पुलिस के बीच तालमेल स्थापित करने के लिए बीट कांस्टेबल प्रणाली को फिर से शुरू कर रहे हैं. डीजीपी ने कहा अकी उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है जहाँ देश के किसी अन्य राज्य के मुकाबले सबसे ज्यादा आबादी है. उन्होंने कहा कि यूपी में अपराध बढ़ने की जो ख़बरें हैं वो इसी सन्दर्भ में देखी जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठनों की रिपोर्ट में अधिक जनसंख्या के कारण यूपी में क्राइम रेट बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है.


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