देवभूमि उत्तराखंड के बाद अब अब देवभूमि हिमाचल में भी कट्टरपंथी दस्तक.. शुरू हुआ एक विवाद जहाँ नमाज पढ़ने को लेकर तनातनी

देवभूमि उत्तराखंड के बाद अब देवभूमि हिमाचल भी मजहबी कट्टरपंथियों के निशाने पर है जहाँ खुले में नमाज के नाम पर लैंड जिहाद की कोशिशें की जा रही हैं. पिछले काफी समय से देवभूमि हिमाचल में कट्टरपंथ की दस्तक की ख़बरें सामने आती रही हैं, जिसका स्थानीय स्तर पर तमाम हिन्दू संगठनों द्वारा विरोध भी किया जा रहा है. न सिर्फ़ दूसरे राज्यों बल्कि राज्य में रोहिंग्या घुसपैठियों के मामले भी सामने आये हैं, जो राज्य के लिए निश्चित रूप से चिंता का विषय बन गया है.

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देवभूमि हिमाचल को कट्टरपंथ के जहर से संक्रमित हो रही देवभूमि हिमाचल को बचाने के लिए हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं का धैर्य अब जवाब देने लगा है. खबर के मुताबिक़, हिमाचल के ऊना की नगर पंचायत टाहलीवाल की सार्वजनिक भूमि पर नमाज अदा करने को लेकर उस विवाद हो गया जब शुक्रवार को विभिन्न हिन्दू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर नमाज अदा करने वाले स्थल पर हनुमान चालीसा का पाठ किया. मामले की भनक लगते ही भारी संख्या में पुलिस बल पहुँच गया. लैंड जिहाद के खिलाफ हिन्दुओं के आक्रोश को देखते हुए और पुलिस ने मुस्लिम समुदाय को विवादित स्थल पर नमाज अदा नहीं करने दी.

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जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह विभिन्न हिंदू संगठनों के लोगों ने टाहलीवाल बाजार में एकत्रित होकर विवादित स्थल तक रोष रैली निकाली. भीड़ ने एक और जहां ‘जय श्री राम’, वीर बजरंगी, भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष लगाए. वहीं विवादित स्थल पर हनुमान चलीसा का पाठ किया. हिन्दू संगठनों ने मुस्लिम समुदाय की ओर से मौके पर लगाए टैंट के पोल भी उखाड़ फेंके तथा देवभूमि हिमाचाल में लैंड जिहाद न होने देने का एलान कर दिया. मामले की गंभीरता को देखते हुए सुबह से टाहलीवाल बाजार से लेकर विवाद स्थल तक भारी पुलिस बल तैनात किया गया था.

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बताया गया है कि टाहलीवाल नगर पंचायत की सार्वजनिक भूमि पर हर शुक्रवार को मुस्लिम वर्ग द्वारा नमाज अदा की जाती थी. हिन्दू कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सार्वजनिक भूमि पर स्थानीय मुस्लिम वर्ग के अलावा पंजाब, दिल्ली, हरियाणा व हिमाचल के अन्य हिस्सों मुस्लिम पहुंचते है, जिससे की क्षेत्र का माहौल खराब हो रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि मामले को लेकर कई बार पंचायत व प्रशासन के आगे भी गुहार लगाई, लेकिन आज दिन तक किसी ने भी हमारी बात की ओर गौर नहीं किया. इस कारण अब मजबूरन विरोध करना पड़ा. हिन्दू संगठनों के नेताओं ने कहा कि हिमाचल को मेरठ, कैराना और बंगाल नहीं बनने दिया जायेगा. उन्होंने कहा कि हिंदू शुरू से ही धर्म निरपेक्ष रहा है. अगर कोई हमारी धर्म की अवमानना करेगा, तो हम सहन नहीं करेंगे.

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