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दिल्ली से बुरा हाल आगरा में.. दुकानदारों पर पथराव.. भीम का नाम लेकर उन्माद जिसमें अभियुक्त है उस्मानी

एकतरफ देश की राजधानी दिल्ली में मजहबी उन्मादियों द्वारा मंदिर तोड़ने जाने के बाद तनाव बना हुआ है तो वहीं दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश के आगरा में दिल्ली से भी बुरा हाल है. झारखंड में भीड़ द्वारा चोरी के आरोपी तबरेज अंसारी की ह्त्या के आगरा के मंटोला में मजहबी उन्मादी सड़क पर उतर आये तथा हंगामा शुरू कर दिया. भारी संख्या में मजहबी उन्मादियों की भीड़ ने न सिर्फ सड़क जाम की बल्कि दुन्कान्दारों पर हमला किया. उन्मादियों द्वारा कश्मीरी अंदाज में जमकर पत्थरबाजी की गई तथा आगरा को दंगे की आग में झोंकने का प्रयास किया, यहाँ तक कि पुलिस को भी निशाना बनाया.

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आगरा के मंटोला में हुए इस बवाल में पुलिस ने 6 केस दर्ज किये हैं. इसमें से तीन केस दुकानदारों ने दर्ज कराए हैं जबकि तीन पुलिस ने अपनी तरफ से दर्ज किये हैं. इसमें से 5 केस मंटोला थाना में लिखे गये हैं तथा 1 मामला नाई की मंडी थाना में लिखा गया है. पुलिस ने मंटोला में दो और नाई की मंडी वाला केस अपनी ओर से दर्ज किया है. इसमें मुस्लिम संगठनों के 57 लोग नामजद हैं. नामजद आरोपियों में भारतीय मुस्लिम विकास मंच के समी अगाई, मुस्लिम एक्शन कमेटी के इरफान सलीम, जमीयतुल कुरैश के हाजी जमीलुद्दीन कुरैशी, मुस्लिम महासभा के चौधरी फरहान, एमआईएम के इदरीश अली का नाम है.

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इसके अलावा जिन लोगों ने सोमवार के प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया पर अपील की थी, उन्हें भी आरोपी बनाया गया है. इसमें जय भीम संस्था के चंचल उस्मानी, चौधरी फरहान का भी नाम है. आगरा पुलिस की साइबर सेल सोशल मीडिया से उन सभी लोगों के नाम और पते मालूम करने में लगी है जिन्होंने लोगों से जामा मस्जिद चलने का आह्वान किया था. दर्ज केस में बलवा, लूट, जानलेवा हमला, आईटी एक्ट, धमकी देना, क्रिमिनल लॉ एक्ट लगाए गए हैं. पुलिस ने कहा है कि इसके अलावा सीसीटीवी फुटेज से कई लोगों की पहिचान की गई है, जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा.

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मंटोला में हुए बवाल के बाद दंगा नियंत्रण योजना लागू कर दी गई है. पुलिस ने शहर को 40 सेक्टरों में बांट दिया है. प्रत्येक सेक्टर में एक दरोगा, दस सिपाही लगाए गए हैं. इन्हें मिश्रित आबादी वाले इलाकों में चौराहों पर तैनात किया गया है. देहात के थानों की फोर्स भी शहर में लगा दी गई है. मंटोला, नाई की मंडी, हरीपर्वत, कोतवाली, लोहामंडी, सदर, एत्माद्दौला के संवेदनशील इलाकों में फोर्स लगाई गई है. सबसे ज्यादा चौकसी उन इलाकों में रखी जा रही है जहां पहले बवाल हो चुके हैं. इनमें वजीरपुरा, सैयदपाड़ा, गढ़ी चांदनी, तेलीपाड़ा, मीरा हुसैनी शामिल है. एसएसपी ने बताया कि  दंगा नियंत्रण स्कीम लागू करने के साथ ही पुलिस और प्रशासन की टीमों को तैनात कर दिया गया है.

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मंटोला बवाल के दौरान मोबइल से की गई रिकार्डिंग के आठ फुटेज पुलिस को मिले हैं. इनमें पथराव करने वाले युवकों के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं पुलिस का कहना है कि इनकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। इन्हें न केवल जेल भेजा जाएगा बल्कि इनके खिलाफ  राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस सबसे पहले इनकी सूची तैयार करेगी. बवाल में जो लोग प्रकाश में आ रहे हैं, उनकी गिरफ्तारी होगी लेकिन रासुका सिर्फ उन पर लगाई जाएगी, जो पत्थर चलाते नजर आ रहे हैं. एसएसपी जोगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पथराव करने वालों पर रासुका लगेगा.

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