Breaking News:

14 फ़रवरी- पुलवामा के इस्लामिक आतंकी हमले में बलिदान सभी वीरों को शत शत नमन.. राष्ट्र मांग रहा आतंक का समूल नाश


आज ही का दिन था वो जब देश की सुरक्षा का जिम्मा अपने कन्धो पर उठा कर हमारे वीरों ने कश्मीर में एक नापाक हरकत में अपने प्राण गंवा दिए थे. उन्होंने आतंक के उस रूप को प्रेम और सद्भावना से समझाने और उनको सही राह पर लाने की बहुत कोशिश की थी लेकिन उन्होंने अपनी नापाक हरकते कम करने के बजाय और ज्यदा बढा दी थी, ये हमला उसी दुस्साहस की अंतिम पराकाष्ठा थी.

इस हमले के बाद देश ने एक स्वर में देश ही नहीं बल्कि दुनिया के लिए नासूर बन गये इस्लामिक आतंकवाद को जड से खत्म करने की मांग की थी. आज उस हमले की पहली बरसी पर देश में एक बार फिर से उस संकल्प को दोहराया जा रहा है और तब तक चैन से न बैठने की बात कही जा रही है जब तक इस प्रकार के आतंकवाद को खत्म नहीं कर लिया जाता जिसने न सिर्फ हमारे अनगिनत सैनिको का बलिदान लिया बल्कि तमाम जनता के भी प्राण संकट में डाले.

हद की बात तो ये रही कि जब भारत के जांबाजों ने इस हमले का बदला लिया तब भारत की ही जनता से वोट लेने वाली विपक्ष की कई पार्टियों ने सेना के शौर्य पर सवाल उठा दिए थे. जबकि सरकार ने दावा किया कि भारत की तरफ से की गई जवाबी कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद के सभी आतंकी ठिकानों को तहस-नहस कर दिया गया है.PAK प्रायोजित इस्लामिक आतंकी आज भी सुरक्षा बलों के काफिले को निशाना बनाने की फिराक में हैं. इस हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान बलिदान हुए थे. यह जवान सीआरपीएफ की 76 बटालियन से थे।  उन सभी वीर बलिदानियों को शत शत नमन और इस्लामिक आतंकवाद के समूल नाश में सक्रिय साझीदारी का संकल्प भी.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share