भारत में भी काबू से बाहर हुए बौद्धों के हत्यारे…जम्मू मैं पत्रकारों पर आतंकियों जैसा हमला

काफी समय से रोहिग्या मुसलमानों के खिलाफ देश भर से आवाजें उठाई जा रहे हैं. आवाजें उठे भी क्यों न, देश की सुरक्षा जांच एजेंसिया भी रोहिंगियाओं को देश की आंतरिक तथा आन्तरिक सुरक्षा के लिए खतरा बता चुकी हैं. कुछ दिनों पहले ये बात ये बात साबित भी हुई जब सुजवां आतंकी हमले में रोहिंगियाओं की सीधी भूमिका पी गयी जिसके बाद रोहिंगियाओं के खिलाफ एक बार पुनः आवाजें तेज हुई हैं. हालाँकि देश में कुछ धर्मनिपेक्षता के ठेकेदार भी मौजूद हैं जो रोहिंगियाओं के पैरोकार बने हुए हैं.

अब एक बार फिर रोहिंगियाओं की वास्तविकता सामने आयी है जब बौद्धों के हत्यारे रोहिंग्या मुसलमानों ने जम्मू मैं लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ मीडिया पर हमला किया. प्राप्त खबर के मुताबिक जम्मू मं कुछ पत्रकार लोग रिपोर्टिंग करने के लिए गये थे तो वहां मौजूद रोहिंगियाओं ने उन पत्रकारों का विरोध किया तथा उनको वहां से वापस जाने को कहा. उसके बाद रोहिंगियाओं ने पत्रकरों की टीम पर हमला कर दिया. पत्रकारों के कैमरे तोड़ दिए गये उनकी गाड़ियों पर भी हमला किया गया. इस हमले में पत्रकार बन्धुओं को काफी चोट भी लगी है.

ज्ञात हो कि सुदर्शन चैनल शुरू से ही देश की सुरक्षा के मद्देनजर रोहिंगियाओं के खिलाफ आवाज  उठाता रहा है तथा रोहिंगियाओं को देश से बहार करने की मांग करता रहा है लेकिन उस समय देश की कुछ मीडिया देश के पत्रकार लोग रोहिंगियाओं के समर्थन में आगे आये थे लेकिन आज उन्ही रोहिंगियाओं ने उन पत्रकारों की टीम पर ही हमला कर दिया. सवाल खड़ा होता है कि आखिर रोहिंगियाओं ने पत्रकार बन्धुओं को क्यों रोका तथा क्यों हमला किया? इस हमले के पीछे रोहिंगियाओं की कोई देश विरोधी साजिश भी हो सकती है जिसकी जांच की जानी चाहिए. आज सुदर्शन चैनल पत्रकार बन्धुओं के साथ रोहिंगिया मुसलमानों द्वारा की गयी मारपीट की निंदा करता है तथा पुनः सरकार से मांग करता है रोहिंगियाओं को देश से बहार निकाला जाये तथा देश की मीडिया भी रोहिंगियाओं की देश विरोधी करतूतों को जनता के सामने लाये वरना आज जम्मू में पटकार पिटे हैं कल को देश की अन्य जगहों पर भी ऐसा होगा.

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