बच्चे कांपते हुए कह रहे – “मम्मी अब हम उस रास्ते से नहीं जायेंगे”… रास्ता वही जहाँ तेजी से घटे हैं हिन्दू

ये वही जगह है जहाँ पर हिन्दू तेजी से घटा अहि , इस रास्ते पर पूरा एक क्षेत्र जो कभी हिन्दू बहुल हुआ करता था वो अब धीरे धीरे हिन्दुओ की आबादी के हिसाब से अल्पसंख्यक हो गया है . यहाँ पर गाँव है जहाँ से बच्चो की बस पर प्राणघातक हमला हुआ है जबकि सब देख रहे थे कि वो स्कूली बस है और उस पर हमला करने वाले केवल पुरुष ही नहीं बल्कि औरतें भी थी . उनकी आँखों में खून उतर आया था और हर तरफ मारो मारो काटो काटो के नारे लग रहे थे .

ये घटना है मध्य प्रदेश की जहाँ पर स्कूली बच्चो से भरी एक बस पर मजहबी उन्मादियो ने भीषण हमला कर दिया . ये हमला मोब लिंचिंग ही था जिसमे ड्राइवर को दांतों से केवल इसलिए काट डाला गया क्योकि वो स्कूली बच्चो को बचाने का प्रयास कर रहा था . बच्चे चीख रहे थे और अंकल हमें छोड़ दो , आंटी हमें छोड़ दो कह कर रो रहे थे . लेकिन उनमे से कोई एक भी उनकी बात सुनने के लिए तैयार नही था . बच्चे घायल हो रहे थे तो उधर से और भी उन्मादी होते जा रहे थे दंगाई .

अब बच्चे उसी रास्ते से दुबारा जाने के लिए तैयार नहीं है . वो अपने अभिभावकों से बोल रहे हैं कि वो दुबारा उस रस्ते से नहीं जाने वाले . यहाँ तक कि अभिभावक भी अब अपने बच्चे की हिफाजत के लिए परेशान हैं . कमलनाथ सरकार को उन्होंने बड़ी आशा से चुना था लेकिन अब उन्हें अपने बच्चो के जीवन की फ़िक्र हो रही है . बच्चों की देखभाल के लिए कुछ परिजन, स्कूल की टीचर्स भी अस्पताल पहुंचे। आरक्षक विजय पटेल ने बताया कि स्कूल की तरफ से भी लोग थाने पहुंचे। टीचर पल्लवी ने बताया नर्सरी से आठवीं के बच्चे सवार थे। निधि राणा (केजी टू), निहारिका (केजी टू), राघव डांगी (चौथी), नवीन दांगी (पांचवीं), अनुराग चौधरी (छठी), मयंक पटेल (छठवीं), सूजल चौधरी (सातवीं) और आयुष चौधरी (आठवीं) हैं। इंदौर के पास नेमावर रोड पर बच्चों को ले जा रही सोनी इंटरनेशनल स्कूल की बस की चपेट में बकरी का बच्चा आ गया था . बस यही बहाना था बस को निशाना बनाने का .

Share This Post