विधायक कृष्णानंद हत्याकांड में मुख़्तार अंसारी के बरी होने पर वो थे खामोश… अब गौ तस्कर पहलू मामले में हुए न्याय पर वही कराह उठे

अभी हाल में ही विधायक कृष्णानंद राय जी के ह्त्याकाण्ड में फैसला आया था जिसमे दुर्दांत माफिया मुख़्तार अंसारी के साथ उसके सभी साथियों को बरी कर दिया गया था . उस हत्याकांड में 7 लोग बलिदान हो गये थे जिसमे ताबड़तोड़ गोलियों से एक वाहन को घेर कर भून डाला गया था.. मुख़्तार अंसारी के काले कारनामे को चुनौती देने की सजा बताई जा रही थी कृष्णानंद राय को मिली मौत और बाद में उसमे आये फैसले से हर कोई चौंक गया .. क्योकि हुआ था वो जो किसी ने सोचा भी नहीं था .

मुख्तार अंसारी के साथ उसके सभी साथी दोषियों को इस मामले में बरी कर दिया गया था.. ये बड़ा झटका था न सिर्फ कृष्णानंद राय जी की कल्याणी पत्नी अलका राय के लिए बल्कि सीधे सीधे उत्तर प्रदेश सरकार के लिए.. उस समय तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग , एक ख़ास सेक्युलर वर्ग और वामपंथी समूह ने इसको न्याय की जीत माना था और दबी जुबान से ख़ुशी प्रकट करते हुए इस फैसले का स्वागत किया था .. लेकिन अचानक ही वही वर्ग फिर से सक्रिय हो उठा है एक नए मामले में ..

पहलू खान जिसके ऊपर गौ तस्करी का आरोप लगाया जाता है उसके मामले में आख़िरकार फंसाए गए सभी अभियुक्त बरी हो गये . इस मामले को संसद तक में उछाला गया था और ऐसे बना दिया गया था कि जैसे राष्ट्रीय आपदा के समान लगने लगा था .. इस मामले में सच ख़ामोशी से सब देखता रहा और झूठ ने शोर शराबा जारी रखा था . अब इस फैसले के खिलाफ कईयों ने अदालत तक के खिलाफ मोर्चा जैसा खोल दिया है.. बहुजन समाज पार्टी के सुधीन्द्र भदौरिया ने इस मामले में टुकड़े टुकड़े गैंग की तरह शर्मिंदा हैं जैसे नारे लगाने शुरू कर दिए..

हैरानी की बात ये है कि एकतरफा गाय , गौरक्षक . हिन्दू समाज आदि के विरोध में राजनैतिक अंत की तरफ बढ़ते तमाम लोग अभी भी अपने हिन्दू विरोध के सिद्धांत से इंच मात्र भर हटने के लिए तैयार नहीं हैं .. दुर्दांत माफिया मुख़्तार अंसारी का इसी न्याय व्यस्था से बरी होना न्याय की जीत बताना और पहलू मामले में इसी न्याय व्यवस्था से न्याय होने पर शर्मिंदा हैं का नारा लगाने वाले आखिर किस नियम और किस सिद्धांत पर चल रहे हैं ये सोचने और विचार करने योग्य है..  देखिये वो ट्वीट –

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