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आतंकी अफ़ज़ल के समर्थन में नारे लगा कर विवादों में घिरी एक अन्य यूनिवर्सिटी का वामपंथी प्रोफेसर महिला वर्जिनिटी की तुलना कर रहा सीलबंद बोतलों से

ये वही विश्वविद्यालय है जिसमें उस समय देशद्रोही नारे लगने का आरोप लगा था जब राष्ट्र अफ़ज़ल समर्थकों और सेना प्रेमियों में बंट रहा था.. यहां वामपंथ का बोलबाला है जो खुद को कथित रूप से देशभक्त बताता है लेकिन आये दिन कुछ न कुछ ऐसा कर देता है जो आ जाता है सवालों के घेरे में .. एक बार फिर से चर्चा में है वामपंथ और जाधवपुर यूनिवर्सिटी ..कोलकाता, जाधवपुर विश्वविद्यालय में एक प्रोफेसर के सोशल मीडिया पर लिखने के बाद से ही बवाल मचा हुआ है। यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर कनक सरकार ने विमेन वर्जिनिटी पर कुछ ऐसा विवादित लिख डाला जिसके बाद से ही उनकी फेसबुक पोस्ट पर जमकर बवाल मचा हुआ है।

प्रोफेसर सरकार ने महिलाओं की वर्जिनिटी की तुलना सील लगी कोल्ड ड्रिंक की बोतल से कर डाली। प्रोफेसर ने वर्जिन पत्नी का महत्व बताते हुए कहा कि लड़कों को इसका महत्व नहीं पता है। प्रोफेसर सरकार दो दशकों से जाधवपुर विवि में इंटरनेशनल रिलेशन्स पढ़ा रहे हैं। उन्होंने लिखा कि ‘कुंवारी दुल्हन-क्यों नहीं? क्या आप कोल्ड ड्रिंक की बोतल या बिस्कुट के पैकेट खरीदते समय टूटी सील खरीदने को तैयार हैं?’ प्रोफेसर ने आगे कहा कि, ‘एक लड़की जन्म से तब तक सील्ड पैदा होती है जब तक इसे खोला नहीं जाता है। एक कुंवारी लड़की का अर्थ मूल्यों, संस्कृति और यौन स्वच्छता के साथ कई चीजें हैं। ज्यादातर लड़कों के लिए, एक कुंवारी पत्नी एक परी की तरह होती है।’

इस पोस्ट के बाद से मामले में तूल पकड़ लिया और प्रोफेसर कनक सरकार की जमकर आलोचना हो रही है। जिसके बाद सरकार ने अभिव्यक्ति की आजादी की बात करते हुए दूसरी पोस्ट लिखी जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने आईटी एक्ट की धारा 66 ए का हवाला देते हुए निजी अधिकारों का बात की। वहीं अपनी विवादित पोस्ट को हचा लिया और फेसबुक पर सफाई दे रहे हैं।

वहीं दूसरी तरफ जाधवपुर यूनिवर्सिटी के दूसरे प्रोफेसर्स ने इस मामले की घोर निंदा की है तो कुछ ने खुद को इस मामले से अलग कर लिया है। टिचर्स एसोसिएशन ने इसे एक सेक्सिस्ट पोस्ट बताया है। वहीं राज्य महिला आयोग का कहना है कि ‘इससे पता चलता है कि लोगों की सोच में कितना बदलाव आया है। टीचिंग प्रोफेशन और एक क्वॉलिफाइड शख्स की तरफ से आया ये बयान काफी निराश करता है।’

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