कांग्रेस के बाद अब शरद पवार भी बोले- मुस्लिमों के कहने पर बीजेपी को रोकने के लिए मिलाया शिवसेना से हाथ


महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ मिलकर सरकार बनाने को लेकर अब एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने भी वही बात कही है जो कांग्रेस कहती रही है. शरद पवार ने साफ़ कहा है कि उन्होंने अल्पसंख्यकों के कहने पर बीजेपी को सत्ता में आने से रोकने के लिए उन्होंने शिवसेना के साथ मिलकर महाराष्ट्र में सरकार बनाई है. बता दें कि इससे पहले कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण ने भी कहा था कि मुस्लिमों के कहने पर कांग्रेस ने शिवसेना का हाथ पकड़ा है.

शरद पवार ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों ने कहा था कि यदि उनकी पार्टी शिवसेना के साथ हाथ मिलाती है तो उन्हें कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन भाजपा को महाराष्ट्र में सत्ता से दूर रखा जाना चाहिए. शिवसेना और भाजपा ने गत वर्ष अक्टूबर में विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ा था, लेकिन मुख्यमंत्री का पद ढाई वर्ष बारी बारी से साझा करने के मुद्दे पर असहमति के चलते दोनों अलग हो गईं. उसके बाद शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस एकसाथ आईं और काफी विचार विमर्श के बाद राज्य में सरकार बनाई.

राकांपा के अल्पसंख्यक इकाई की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में पवार ने इस बारे में उल्लेख करते हुए कहा कि (उस समय) राज्य में तीन चार सप्ताह से (शिवसेना..भाजपा द्वारा) सरकार गठन की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया जा रहा था. पवार ने कहा कि शिवसेना के साथ संभावित तालमेल के बारे में महाराष्ट्र के साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार और दिल्ली के लोगों से सलाह मांगी गई थी. पवार ने कहा कि हमें अल्पसंख्यकों की ओर से कहा गया कि यदि आप शिवसेना का साथ लेना चाहते हैं तो आप ऐसा कर सकते हैं लेकिन भाजपा को दूर रखिए. अल्पसंख्यकों ने उस कदम (शिवसेना को साथ लेने) का स्वागत किया.


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