राहुल ने दिखाए तीखे तेवर तो शिवसेना ने किया सरेंडर.. राज्यसभा में नागरिकता बिल CAB का करेगी विरोध ?


देश में इस समय नागरिकता संशोधन विधेयक CAB को लेकर माहौल गर्माया हुआ है. ये बिल लोकसभा से पहले ही पास हो चुका है तथा आज 11 दिसंबर को दोपहर 2 बजे राज्यसभा में पेश किया जाएगा. पूरे देश की नजरें आज राज्यसभा की कार्यवाई पर टिकी होंगी. लेकिन इससे पहले बिल को लेकर हो रही राजनीति में बड़ा ट्विस्ट सामने आया है. लोकसभा में नागरिकता संशोधन बिल CAB के पक्ष में वोट करने वाली शिवसेना यूटर्न लेते हुए राज्यसभा में बिल के विरोध में वोट कर सकती है.

ज्ञात हो कि कांग्रेस पार्टी नागरिकता संशोधन विधेयक CAB का तीव्र विरोध कर रही है. शिवसेना ने हाल ही में महाराष्ट्र में कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाई है. ऐसे में शिवसेना द्वारा लोकसभा में नागरिकता बिल का समर्थन करना कांग्रेस को रास नहीं आ रहा है. लोकसभा से नागरिकता संशोधन विधेयक के पास होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर इसका तीव्र विरोध जताया तथा बिल का समर्थन करने वाली पार्टियों पर तीखा हमला किया.

राहुल गांधी का ट्वीट आते ही शिवसेना ने यूटर्न ले लिया तथा राज्यसभा में बिल का विरोध करने के संकेत दिए हैं. शिवसेना के इस यूटर्न को राहुल के तीखे तेवरों के बाद कांग्रेस के सामने सरेंडर माना जा रहा है. बता दें कि 9 दिसंबर को लोकसभा में शिवसेना ने नागरिकता संशोधन विधेयक पर बीजेपी का साथ देते हुए विधेयक के पक्ष में मतदान किया, पर राज्यसभा में विधेयक का समर्थन करने से पहले शर्त रख दी है. शिवसेना अध्यक्ष व महाराष्ट्र के मुखिया मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि नागरिकता विधेयक में स्पष्टता के बगैर शिवसेना राज्यसभा में इसका समर्थन नहीं करेगी.

लोकसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक मंजूर होने के बाद राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘नागरिकता संशोधन विधेयक भारतीय संविधान पर हमला है, जो कोई भी इसका समर्थन करता है वो हमारे देश की बुनियाद पर हमला और इसे नष्ट करने का प्रयास कर रहा है.’ माना जा रहा है कि राहुल ने इस ट्वीट के जरिए शिवसेना के बिल के समर्थन के फैसले पर नाराजगी जताई है. राहुल की नाराजगी पर कांग्रेस के नेता शिवेसना पर टूट पड़े तथा इसके बाद शिवसेना ने यूटर्न ले लिया.

महाराष्ट्र से कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने सीधे शिवसेना की भूमिका पर नाराजगी जताई.  कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री नसीम खान ने शिवसेना पर आरोप लगाया कि वह अब भी अप्रत्यक्ष तौर पर बीजेपी के साथ है. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस ने शिवसेना और एनसीपी को सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया है. नागरिक संशोधन विधेयक पर शिवसेना ने अपने मित्र दलों को क्यों विश्वास में नहीं लिया? कांग्रेस प्रवक्ता चरणजीत सिंह सप्रा, महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव सचिन सावंत ने भी शिवसेना की आलोचना करते हुए साझा न्यूनतम कार्यक्रम का पालन करने की सलाह दी.

इसी के बाद शिवसेना के तेवर बदल गए तथा अब वह राज्यसभा में बिल के विरोध में वोटिंग कर सकती है. लेकिन जिस तरह से शिवसेना देश के लिए अति महत्वपूर्ण बिल पर कांग्रेस के आगे सरेंडर करती हुई नजर आ रही है, उससे लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या यही शिवसेना का हिंदुत्व है? क्या महाराष्ट्र की सत्ता शिवसेना के लिए हिन्दू शरणार्थियों को न्याय तथा उन्हें उनका हक़ दिलाने से बड़ी हो गई है? या फिर सत्ता पाने के बाद अब शिवसेना के लिए बाला साहेब का हिंदुत्व नहीं बल्कि कांग्रेस का वो कथित सेक्यूलरिज्म मायने रखने लगा है कि जिसका विरोध बाला साहेब आजीवन करते रहे ?


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