Breaking News:

हाजी सईद ने बोला जयश्रीराम तो उन्हें मस्जिद में मांगनी पड़ी माफी.. क्या यही है सेक्यूलरिज्म ?


क्या यही सेक्यूलरिज्म है? वही सेक्यूलरिज्म जिसके ढोल भारत के राजनेता, कथित बुद्धिजीवी, खान मार्केट तथा टुकड़े-टुकड़े गैंग के सदस्य अक्सर गाते रहते हैं? क्या यही वो सेक्यूलरिज्म है जिसके नाम पर ये बुद्धिजीवी, राजनेता तथा टुकड़े टुकड़े गैंग देश को बरगलाने की कोशिश की जाती है. जब भी हम इस सेक्यूलरिज्म पर सवाल खड़े करते हैं या इसकी वास्तविकता जानने की कोशिश करते हैं तो हम पर ही सवाल खड़े करते हुए हमें सांप्रदायिक बताया जाता है.

हाजी सईद अनवर ने भी तो इसी सेक्यूलरिज्म का पालन करते हुए, सांप्रदायिक सद्भाव का उदहारण प्रस्तुत किया था तथा जयश्रीराम बोला था. लेकिन हाजी सईद द्वारा जयश्रीराम बोलना मजहबी चरमपंथियों को रास नहीं आया. स्थिति ये हो गई कि हाजी सईद को जयश्रीराम बोलने के लिए मस्जिद में जाकर माफी मांगनी पड़ी. अफ़सोस इस बात का है कि इस सबके बाद भी सभी बुद्धिजीवी तथा सेक्यूलरिज्म के ठेकेदार चुप बैठे हैं? यहां सवाल खड़ा होता है कि क्या सिर्फ हिन्दुओं द्वारा छेद वाली टोपी पहिनना तथा रोजा इफ्तारी करना ही सेक्यूलरिज्म है ? तथा हाजी सईद द्वारा जयश्रीराम बोलने से सेक्यूलरिज्म इस कदर खतरे में पड़ जाता है कि उन्हें माफी मांगनी पड़ती है.

मामला श्रीराम की नगरी अयोध्या का है. अयोध्या केस को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले संत परमरहंस ने तपस्वी छावनी में राम मंदिर के निर्माण की बाधाओं को दूर करने के लिए राम नाम के जाप का आयोजन किया था, जिसमें पूर्णाहुति के दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी सहभागिता की थी. इसमें महिलाएं भी थीं. मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भी राम नाम का उच्चारण किया था, जिनमें सईद भी थे.

अब इसका वीडियो सामने आया तथा इसकी जानकारी मुस्लिम मौलानाओं को हुई तो हाजी सईद का विरोध किया जाने लगा. हाजी सईद के खिलाफ तमाम तरह की अफवाहें फैलाई जाने लगीं. कहा गया कि इन्होंने कुरान की शिक्षाओं का अनादर किया है. मंदिर में जाकर हवन पूजन किया है. ऐसे में उनको मुसलमान कहलाने का हक नहीं है. वजीरगंज निवासी हाजी सईद का कहना है कि जय श्री राम का नारा लगाने के कारण उनको धर्म से बाहर कर दिया गया. लोग उन्हें काफिर कहने लगे तथा धमकियां दी जाने लगी.

स्थिति ये हो गई कि हाजी सईद को मस्जिद में जाकर माफी मांगनी पड़ी. इमाम ने हाजी को दोबारा जय श्री राम न कहने का हर्फ दिलाया और इस गुनाह से तौबा कराई. इस संबंध में हाजी सईद ने कहा कि अब जय श्री राम नहीं बोलूंगा, हवन में नहीं जाऊंगा. इस पर हाजी सईद ने कहा कि ऐसा नहीं था कि वहां कोई मेरा धर्म परिवर्तन करा रहा था. मेरे साथ न तो कोई जबर्दस्ती की गई और न ही किसी ने गलत व्यवहार किया था. मैंने सामाजिक सद्भाव के तहत ये किया लेकिन मुझे डराया गया. उन्होंने कहा माफी मांगने के बाद भी उनके ऊपर से खतरा टला नहीं है तथा आज  उन्हें धमकाया जा रहा है.


सुदर्शन के राष्ट्रवादी पत्रकारिता को आर्थिक सहयोग करे और राष्ट्र-धर्म रक्षा में अपना कर्त्तव्य निभाए
DONATE NOW

Share