अगले 5 सालों में क्या करेंगे पीएम मोदी, दुनिया के सामने किया इसका एलान.. संदेश साफ कि अगली सरकार में भी कोई शक नहीं


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले 5 सालों में क्या करने वाले हैं, मोदी सरकार अगले 5 सालों की क्या प्राथमिकताएं, इसका एलान प्रध्मंत्री मोदी ने दुनिया के सामने डंके की चोट पर दिया है. जो एलान पीएम मोदी ने किया है तथा जो सपने देखे हैं अगर वो सफल होते हैं तो इससे ये सन्देश साफ़ हो जाएगा कि देश में गठित होने वाली अगली सरकार किसकी होगी. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अगले 5 सालों की प्राथमिकताओं का एलान ब्रिक्स सम्मेलन में किया.

ब्राजील की राजधानी ब्रासीलिया में आयोजित हुए ब्रिक्स सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा कि वैश्विक आर्थिक मंदी के बावजूद ब्रिक्स राष्ट्रों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने आर्थिक विकास को गति दी है. साथ ही लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है. यहां ब्रिक्स बिजनेस फोरम को हिंदी में संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ब्रिक्स राष्ट्रों की विश्व के आर्थिक विकास में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी है.उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी के बावजूद ब्रिक्स राष्ट्रों ने आर्थिक विकास को गति दी है. लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है और प्रौद्योगिकी और नवाचार में नया मुकाम हासिल किया है.

पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स की स्थापना के 10 साल बाद अब यह एक ऐसा फोरम बन गया है जहां हम अपने भविष्य के प्रयासों पर चर्चा कर सकते हैं. पीएम मोदी ने कहा कि वे दो दिवसीय 11वें ब्रिक्स सम्मेलन का हिस्सा बन कर खुश हैं. मोदी ने आगे कहा कि पांच राष्ट्रों के बीच टैक्स और कस्टम्स प्रक्रियाएं आसान हो रही हैं. बौद्धिक संपदा अधिकारों और बैंकों के बीच आपसी सहयोग से व्यापारिक माहौल भी आसान हो रहा है. मैं ब्रिक्स बिजनेस फोरम से अनुरोध करता हूं कि इस प्रकार उत्पन्न अवसरों का पूरा लाभ उठाने के लिए आवश्यक व्यावसायिक पहलों का अध्ययन करें.

पीएम मोदी ने ब्रिक्स मोदी ने राष्ट्रों के बीच व्यापार के खर्च को कम करने को लेकर सुझाव देने के लिए राष्ट्रों से अपील की. साथ ही उन्होंने उनसे अगले 10 वर्षों के लिए व्यापार में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान करने और इंट्रा-ब्रिक्स सहयोग का ब्लूप्रिंट तैयार करने की भी मांग की. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स राष्ट्रों के बाजार का आकार और विविधता एक-दूसरे के लिए बहुत फायदेमंद है.मोदी ने कहा, “उदाहरण के लिए यदि एक ब्रिक्स राष्ट्र में कोई तकनीक है, तो दूसरे देश में उस तकनीक के लिए कच्चा माल या उसका बाजार हैं. ऐसी संभावनाएं इलेक्ट्रिक वाहनों, डिजिटल प्रौद्योगिकी, उर्वरकों, कृषि उत्पादों, खाद्य प्रसंस्करण, आदि क्षेत्रों में हैं.”

ब्रिक्स सम्मलेन को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने फोरम से पांच देशों में इस तरह की समानताओं को लेकर नक्शा बनाने का भी आग्रह किया. उन्होंने कहा, “मैं यह भी सुझाव देना चाहूंगा कि अगले ब्रिक्स सम्मेलन से पहले करीब पांच ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जानी चाहिए जिनमें समानता के आधार पर हमारे बीच संयुक्त उद्यम का गठन किया जा सकता है.” मोदी ने कहा, “देशों के बीच पर्यटन, व्यापार और रोजगार पाने के अवसरों को आसान बनाने की संभावनाएं हैं. मैं ब्राजील के राष्ट्रपति का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं, जो उन्होंने भारतीयों के लिए वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा शुरू करने का फैसला लिया. इसी तरह पांचों राष्ट्रों को भी आपसी सोशियल सिक्यूरिटी अग्रीमेंट पर भी विचार करना चाहिए.”

पीएम मोदी ने आगे कहा कि आप सभी भारत की निरंतर प्रगति जैसे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस और ग्लोबल इनोवेशन से अच्छी तरह से परिचित हैं. भारत राजनीतिक स्थिरता, अनुमानित नीति और आर्थिक-अनुकूल सुधारों की वजह से दुनिया का सबसे अधिक निवेश-अनुकूल अर्थव्यवस्था है. हम भारत को साल 2024 तक पांच ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था वाला देश बनाना चाहते हैं. बता दें कि पीएम मोदी ब्रिक्स सम्मलेन में भाग लेने के बाद वापस स्वदेश लौट चुके हैं.


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