हिंदू और हिंदुत्व की आवाज उठाने वाले धर्मरक्षक थे दिल्ली में गिरफ्तार हुए आतंकियों के निशाने पर.. वो उस PFI से जुड़े मिले जिसके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है सुरेश चव्हाणके जी ने


हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली में गिरफ्तार हुए इस्लामिक आतंकियों से पूंछताछ में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है. आतंकियों से पूंछताछ में खुलासा हुआ है कि इनके निशाने पर वो नेता थे जो हिन्दू तथा हिंदुत्व की आवाज उठाते हैं. यही नहीं, इन आतंकियों का उस इस्लामिक चरमपंथी संगठन PFI से भी संबंधों की जानकारी मिल रही है, जिस PFI के खिलाफ सुदर्शन टीवी के प्रधान संपादक लंबे समय से मोर्चा खोले हुए हैं.

प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक़, पूछताछ के दौरान जफर नाम के एक आतंकी ने खुफिया एजेंसी को बताया है कि वो शहादत के लिए यहां आया था. उसको यहां पर बड़े और फेमस हिंदू नेताओं की हत्या करने का टारगेट दिया गया था. बड़े नेताओं की जानकारी उसे शहर की दीवारों पर लगे पोस्टरों से जुटानी थी. इसके बाद पूरे प्लानिंग के साथ उनके ऊपर हमला किया जाता. उसने यह भी बताया कि उन्हें सेना और पुलिस के भर्ती कैंप की रेकी करने की भी जिम्मेदारी दी गई थी. उन्हें उनके आकाओं से कहा गया था कि यदि कोई वर्दी पहने हुए बड़ा अधिकारी दिखे तो उसकी हत्या कर दो.

खुफिया एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, इन तीनों आतंकियों की योजना देश के विभिन्न शहरों में बड़े हमले की थी. इसके अलावा आरएसएस के कई बड़े नेता भी उनके निशाने पर थे. अधिकारियों का कहना है कि पकड़े गए ISIS आतंकवादियों की उत्तर प्रदेश भी में बड़े हमले करने की साजिश थी. ये जानकारी सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश एटीएस अब दिल्ली एटीएस से संंपर्क में है. वो इन्हें अपने कब्जे में लेकर पूछताछ की तैयारी में है.

आतंकियों से पूंछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि आपस में बातचीत करने के लिए ये तीनों आतंकी ऐसे ऐप का इस्तेमाल करते थे कि कम्युनिकेशन खत्म होते ही टेक्स्ट अपने-आप डिलिट हो जाते थे. बता दें कि नौ जनवरी को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एनकाउंटर के बाद ISIS के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया था. उस समय पुलिस ने बताया था गिरफ्तार तीनों आतंकी तमिलनाडु से फरार थे.


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