मौलाना ने बलात्कार किया तो चुप क्यों न रही तू ? ऐसा बोलकर उस लड़की के घर पर पथराव, ठीक कश्मीरी अंदाज में


इससे अधिक शर्मनाक घटना शायद ही किसी ने कभी देखी या सुनी होगी. मौलाना ने पहले तो नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया. इससे नाबालिग प्रग्नेंट हो गई तथा उसने बच्चे को जन्म दिया. जब नाबालिग ने इसकी शिकायत की तो पंचायत बिठाई गई. पंचायत ने हैरान करने वाला फैसला सुनाते हुए कहा कि दुष्कर्म पीड़िता बच्चे को बेच दे. जब पीड़िता ने ऐसा करने से इंकार कर दिया तो अब मौलाना समर्थक गाँववाले लड़की के घर पर पत्थरबजी कर रहे हैं. ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पीड़िता चुप नहीं रही तथा मौलाना का नाम बता दिया.

मामला बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के कटरा थाना क्षेत्र का है जहाँ एक नाबालिग ने एक मौलाना और एक युवक पर कई महीनों तक दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है. पीड़िता का आरोप है कि गांव में बैठी पंचायत ने भी अब बच्चे को बेच देने का फैसला सुना दिया है. मुजफ्फरपुर पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि कटरा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिग लड़की का आरोप है कि गांव की ही एक मस्जिद में रहने वाले एक मौलाना ने बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका वीडियो बना लिया. इसके बाद हत्या और वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर करीब दो महीने तक यह सिलसिला चलता रहा.

पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इस दौरान वह गर्भवती हो गई, जिसका पता गांव के ही एक युवक मोहम्मद शोएब को लग गया. इसके बाद उसने भी डरा धमकाकर दुष्कर्म करना प्रारंभ कर दिया. डरी सहमी पीड़िता इसके बाद अपने मामा के घर मधुबनी चली गई. इसके बाद परिवार वालों को भी इसका पता चल गया और पीड़िता ने पूरी कहानी बताई. इसी दौरान पीड़िता ने एक बच्चे को जन्म दिया. पीड़िता के बयान पर मुजफ्फरपुर महिला थाना में कुछ दिनों पहले एक प्राथमिकी दर्ज कर ली गई, परंतु पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की. पीड़िता अब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से न्याय की गुहार लगा रही है.

पीडिता के परिजनों का कहना है कि इसके बाद गाँव के लोग तथा पड़ोसी उनके घर पर पत्थर मार रहे हैं. दवाब बनाया जा रहा है कि दुष्कर्म के बाद हुए बच्चे को या तो पीड़िता बेच दे या अपने से दूर कर दे. साथ ही दुष्कर्म में मौलाना का नाम लेने के कारण भी पीड़िता को प्रताड़ित किया जा रहा है. मौलाना समर्थक गाँववाले पीड़िता तथा उसके परिजनों को गाँव छोड़ने की धमकी दे रहे हैं. पीडिता का कहना है कि अगर पुलिस ने कार्यवाई नहीं की तो उसके तथा उसके परिजनों के साथ कुछ भी हो सकता है. गांववालों का ऐसा दवाब है कि परिवार के लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है.

मुजफ्फरपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयंतकांत ने सोमवार को बताया कि इस मामले को लेकर पुलिस उपाधीक्षक (पूर्वी) के नेतृत्व में एक जांच टीम का गठन किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की जांच कराई जा रही है, और जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.


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