"समान नागरिक संहिता" नहीं बल्कि "हिन्दुओं के विशेष अधिकार संहिता बने".. भारतीय मुसलमानों को उतने ही अधिकार मिलें, जितने पाकिस्तान में हिन्दुओं को मिले हैं- सुरेश चव्हाणके - Hindi News, हिंदी समाचार, Samachar, Breaking News, Latest Khabar -

“समान नागरिक संहिता” नहीं बल्कि “हिन्दुओं के विशेष अधिकार संहिता बने”.. भारतीय मुसलमानों को उतने ही अधिकार मिलें, जितने पाकिस्तान में हिन्दुओं को मिले हैं- सुरेश चव्हाणके


स्थान था राजधानी दिल्ली से सटा हुआ ग्रेटर नॉएडा, मौके पर जमा थे तमाम कानूनविद. वक्ता था सुदर्शन न्यूज़ चैनल के प्रधान सम्पादक व् राष्ट्र निर्माण संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुरेश चव्हाणके जी. बुद्धिजीवी व् कानून के जानकारों ने ये आयोजन समाज नागरिक संहिता की तत्काल आवश्यकता पर आयोजित किया था जिसमे कई विद्वान वक्ता अपने अपने अनुसार अपनी बात रख रहे थे.

लेकिन जब सुरेश चव्हाणके जी ने अपनी मांग को सामने रखा तो वहां मौजूद एक एक व्यक्ति उस मांग से सहमत दिखा. सबने एक स्वर में कहा कि ये बात अकाट्य सत्य है. सुरेश चव्हाणके जी ने कहा कि बहुसंख्यक हिन्दू देश भारत में हिन्दू ही समान नागरिक संहिता की मांग कर रहा है, इस से बड़ी विडम्बना आखिकार क्या हो सकती है. सेक्युलर नेताओं द्वारा इतिहास में हुई गलती को सबके सामने रखते हुए सुरेश चव्हाणके जी ने कई सवाल उठाये जो सबको तर्कसंगत लगे.

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सुरेश चव्हाणके जी ने कहा कि वो भारत के मुसलमानों को उतने ही अधिकार देने के पक्षधर हैं जितने कि पाकिस्तान में हिन्दुओं को है. अगर ऐसा होता है तब ही समानता की बात मूर्त रूप में सार्थक होगी. CAA का विरोध करने वालों को आड़े हाथो लेते हुए कहा कि भारत में मौजूद मुस्लिम बंटवारे के समय हमारे पुरखो की दया पर यहाँ रहे थे जो आज पाकिस्तान के हिन्दुओ के भाग्य विधाता बनने की कोशिश कर रहे हैं. सुरेश चव्हाणके जी ने ऐसी तमाम बातें कहीं जिस पर आत्ममंथन करने की जरूरत है.. देखिये सुरेश जी का पूरा संबोधन-


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