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पुण्यतिथि पर हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहब ठाकरे और अशोक सिंहल जी को वचन देता हूँ कि हिदुत्व की राह पर किसी भी स्थिति और किसी भी कीमत पर अंतिम सांस तक संघर्ष करता रहूँगा- सुरेश चव्हाणके


आज पुण्यतिथि है उन महान हस्ती की जिनके बिंदास जीवन को देख कर ही मुझे प्रेरणा मिली थी कि मैं भी एक ऐसा ही शो बनाऊ जिसमे मैं ही नहीं , राष्ट्र व् धर्म के लिए त्याग या बलिदान की भावना रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति बिंदास हो कर बोल सके. ये महान व्यक्तित्व थे हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहब ठाकरे जी जो आज ही इस लोक से विदा हो कर स्वर्गलोक सिधार गये थे और पीछे छोड़ गये थे समूचे राष्ट्र के एक एक धर्मरक्षक को रोता और बिलखता अपनी याद में..

जिस प्रकार से उन्होंने महाराष्ट्र में विधर्मियो को शिव की सेना बना कर चुनौती दी और पस्त भी किया था उसने सेकुलरिज्म नाम की एकतरफा जिम्मेदारी ढो रहे हिन्दू समाज को नींद से जगा दिया था. ये कहना गलत नहीं होगा कि नकली सेकुलरिज्म की आंधी में जो दीवार पहाड़ जैसी मजबूती से खड़ी रही, उसका नाम बाला साहब ठाकरे ही था.. आज गर्व से कहो हम हिन्दू हैं जैसे नारे जब जब और जहाँ जहाँ भी लगते हैं वहां बाला साहब की याद खुद से ही आ जाती है..

वर्ष 2007 में एक रैली में बाला साहब ठाकरे ने देश को हरे जहर के खतरे से आगाह किया था . उनका कहना था की देश में जिस प्रकार से एकतरफा आबादी बढती जा रही है उस से आने वाले समय में सबसे ज्यादा कुप्रभाव हिन्दू समाज को झेलने होंगे.. बाला साहब ठाकरे के उन शब्दों ने मुझे बहुत प्रेरणा दी थी और उनके उसी अभियान को मैंने आगे बढाने का फैसला किया.. देश भर के कोने कोने में जा कर मैंने जो संदेश दिया वो कहीं न कहीं से बाला साहब द्वारा ही प्रेरित था..

ठीक उसी प्रकार से अशोक सिंहल जी के श्रीराम मन्दिर निर्माण प्रयासों का बचपन से ही अनुशरण करता रहा.. हिन्दू धर्म को नई चेतना देने वाले अशोक सिंहल जी के स्वप्न श्रीराम मन्दिर निर्माण के करोड़ों हिन्दुओ के संकल्प की पूर्ति में मेरा भी योगदान रहा इसका मुझे प्रभु श्रीराम ने अवसर ऐसी विभूतियों के आशीष से दिया है.. जिस प्रकार से वामपंथी समाज में हिंदुत्व की अवधारणा का अंकुर अशोक सिंहल जी के चलते फूटा था उसी प्रकार से मीडिया में राष्ट्रवादी व् धर्मरक्षक विचारधारा को मैंने हर सम्भव बढाने का प्रयास किया..

आज हिन्दू हृदय सम्राट बाला साहब ठाकरे की पुण्यतिथि पर उनको भावपूर्ण व् अश्रुपूर्ण याद करते हुए उनके दिखाए धर्मरक्षा के मार्ग को सदा अविचलित रूप में अनुसरण करने का संकल्प लेता हूँ.. मैं आज स्वर्ग में बैठे बाला साहब ठाकरे जी को ये वचन देता हूँ की कितनी भी बड़ी विपत्ति हो या कितना भी विपरीत परिस्थिति हो , मैं राष्ट्रकार्य व् धर्मरक्षा से पल भर भी विचलित नहीं होने वाला.. इश्वर मुझे आशीर्वाद दें व् देवलोक वासी बाला साहब ठाकरे जी मुझे प्रेरणा दें..

आपका – सुरेश चव्हाणके


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