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भारत का वो शहर जहाँ के राजा हैं श्रीराम.. DM और SP भी उन्हीं को देते हैं रिपोर्ट


क्या आप जानते हैं कि भारत में आज भी एक शहर ऐसा हैं जहाँ के राजा और कोई नहीं बल्कि सनातन के आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम हैं. ये  शहर है मध्य प्रदेश का ओरछा शहर है जिसका श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से गहरा नाता है. जहां अयोध्या में रामलला की बाल लीलाओं की जीवंत स्मृतियां हैं तो वही ओरछा में श्री राम राजा के रूप में विराजते हैं. ओरछा में चार पहर की आरती में राजसी वैभव के साथ श्रीराम को पहरे पर खड़े सिपाही सशस्त्र सलामी देते हैं. राम यहां के जनजीवन की सांसों में धड़कते हैं.

स्थानीय एसपी तथा डीएम भी अपने कार्यों की रिपोर्ट ओरछा के राजा राम को अपनी रिपोर्ट देते हैं, उन्हें सलामी देते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार कहां जाता है कि ओरछा के शासक मधुकरशाह कृष्ण भक्त थे और उनकी महारानी कुंवरि गणेश राम उपासक थीं. एक बार मधुकर शाह ने रानी से व्रन्दावन जाने का प्रस्ताव पर उन्होंने विनम्रतापूर्वक उसे अस्वीकार करते हुए अयोध्या जाने की हठ ठान ली. इसी दौरान राजा ने रानी से कहा कि अगर तुम्हारे राम सच में तुम्हारे दिल में हैं तो उन्हें अयोध्या से ओरछा लाकर दिखाओ.

अपने आराध्य के प्रति किए गए वक्तव्य से महारानी कुंवरि अयोध्या रवाना हो गईं. अयोध्या में 21 दिन तपस्या के बाद भी जब श्री राम प्रकट नहीं हुए तो उन्होंने सरयू नदी में छलांग लगा दी।. कहा जाता है की महारानी की भक्ति को देखकर ही भगवान श्री नदी के जल में ही उनकी गोद में आ गए इसके बाद महारानी जब भगवान श्री राम से अयोध्या से ओरछा चलने का आग्रह किया तो उन्होंने तीन शर्ते रख दीं. पहली शर्त थी मैं यहां से जाकर जिस जगह बैठूंगा वहां से नहीं उठूंगा।

दूसरी शर्त में ओरछा के राजा के रूप में विराजित होने की किसी दूसरे की सत्ता नहीं रहेगी तो वहीं तीसरी शर्त में उन्होंने खुद को बाल रूप में पैदल एक विशेष पुष्य नक्षत्र में साधु संतों के साथ ले जाने की थी.  महारानी के द्वारा शर्ते मानने के बाद राम राजा ओरछा आ गए. तब से भगवान राम यहां राजा के रूप में विराजमान हैं. भगवान राम के अयोध्या और ओरछा दोनों स्थानों पर रहने को पुष्ट करता दोहा आज भी रामराजा मंदिर में लिखा है कि रामराजा सरकार के दो निवास है खास दिवस ओरछा रहत है रैन अयोध्या वास.

सम्बत 1631 में चैत्र शुक्ल नवमी को जब भगवान ओरछा आये तो उन्होंने संतसमाज को यह आश्वासन भी दिया था की उनकी राजधानी दोनों नगरों में रहेगी. तब यह बुंदेलखण्ड की अयोध्या बन गया. ओरछा का रामराजा मंदिर विश्व का एकमात्र अनूठा मंदिर है, जहां श्री राम को चार बार की आरती में सशस्त्र सलामी गार्ड ऑफ ऑनर दी जाती है क्योंकि राम यहां राजा के रूप में विराजे है. इतना ही नहीं  ओरछा नगर के परिसर में रामराजा के अलावा देश के किसी भी वीवीआईपी को गार्ड ऑफ ऑनर नहीं दिया जाता. चाहे वह प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ही क्यों न हों, क्योंकि यहां से राजाराम को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है.


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